बद्रीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस हादसे का शिकार, चीख-पुकार से दहला इलाका, 27 यात्री थे सवार

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उत्तराखंड , 11 मई 2026 । बद्रीनाथ मंदिर से लौट रहे यात्रियों से भरी एक बस हादसे का शिकार हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि बस में करीब 27 लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया।

पुलिस के अनुसार, ‘कल्थरी डंपिंग पॉइंट’ के पास जब दुर्घटना हुई, तब बस में चालक राजेश और परिचालक सोनू समेत 25 यात्री सवार थे। बस चालक और परिचालक दोनों देहरादून के रहने वाले थे। बस बद्रीनाथ से ऋषिकेश की ओर जा रही थी। पुलिस ने बताया कि वाहन की खिड़की अचानक खुल गई और उसे बंद करने की कोशिश में वाहन सड़क से नीचे उतर गया।

घायल हुए सभी लोग उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के निवासी हैं। उनकी पहचान सोनम गुप्ता (28), मुन्नी देवी (56), चंद्र प्रकाश गुप्ता (62), संजय चौरसिया (59), सीता देवी (38), कुमारी शबनम (32) और मनीष गिरि (44) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घायलों को ऋषिकेश जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि बाकी 18 यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के जरिए लखीमपुर खीरी में उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पहाड़ी रास्ते में अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण बस पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। कई यात्रियों को चोटें आई हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

उत्तराखंड  के पर्वतीय इलाकों में यात्रा के दौरान सड़क हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है, खासकर तीर्थ यात्रा सीजन में जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी मार्गों से गुजरते हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और मौसम व सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की अपील की है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही, खराब मौसम या सड़क की स्थिति के कारण हुई। राहत एवं बचाव अभियान कई घंटों तक जारी रहा और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीर्थ यात्रा सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सोशल Media पर भी हादसे की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें राहत-बचाव कार्य साफ दिखाई दे रहा है।

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