नई दिल्ली, 06 अगस्त 2026 । दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र कल 7 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। सत्र से पहले आज विधानसभा सचिवालय में अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।

मानसून सत्र से पहले आज दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर में एक व्यापक मॉक ड्रिल भी की। इसका मकसद सुरक्षा तैयारियों और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को जांचना था।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने अध्यक्ष को बताया कि सत्र के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। बैठक में बताया गया कि सत्र के दौरान सुरक्षा के लिए लगभग 130 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसमें CRPF के जवान भी शामिल होंगे।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ये बड़े फैसले लिए गए:
1. विधानसभा परिसर की परिधि पर व्यू कटर लगाए जाएंगे ताकि बाहर से अंदर का दृश्य न देखा जा सके।
2. विधानसभा में एक ACP स्तर के अधिकारी की स्थायी तैनाती होगी।
3. बेहतर समन्वय के लिए परिसर के अंदर दिल्ली पुलिस का एक समर्पित कार्यालय भी बनाया जाएगा।
4. सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं।
5. संशोधित व्यवस्था के तहत विधानसभा में प्रवेश सिर्फ गेट नंबर-1से ही मिलेगा। बाकी गेट नियंत्रित रहेंगे।6. किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए CRPF की क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले ही तैनात कर दी गई है।
बैठक में संभावित खतरे, सुरक्षा बलों की तैनाती, CCTV निगरानी, संचार व्यवस्था, आपातकालीन योजना, विजिटर मैनेजमेंट, तलाशी, ट्रैफिक और मेडिकल, फायर एवं निकासी जैसी व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में स्पेशल CP देवेश श्रीवास्तव जॉइंट CP नॉर्दर्न रेंज मधुकर वर्मा, DCP उत्तर राजा बंथिया, DCP सुरक्षा हुकमाराम साई, एडिशनल DCP उत्तर निहारिका भट्ट सहित दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा CRPF, दिल्ली फायर सर्विस, बम डिस्पोजल स्क्वैड, डिटेक्टिव यूनिट, SWAT, स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवा और विधानसभा सचिवालय के अधिकारी भी शामिल हुए।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा, _मानसून सत्र के सुरक्षित, सुचारु और सफल संचालन के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। सभी एजेंसियां पूरे सत्र के दौरान आपसी समन्वय के साथ काम करें।
