नई दिल्ली, 07 अगस्त 2026 । दिल्ली लक्ष्मी योजना पर विधानसभा में चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के वॉकआउट की कड़ी आलोचना करते हुए आशीष सूद ने विपक्ष पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि खाली पड़ी विपक्षी सीटों की तस्वीरें सार्वजनिक करने की करनी चाहिए जिससे दिल्ली के लोगों को इनकी हकीकत का पता चल सके ।
आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना पर चर्चा से विपक्ष का वॉकआउट महिलाओं का अपमान, जनता को जानने का अधिकार है कि कौन उनके अधिकारों पर चर्चा से भागा ।
उन्होंने कहा कि आईआईटी की डिग्री या विदेशी अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराने से नहीं, बल्कि विकास और वित्तीय अनुशासन से सुशासन स्थापित होता है।
दिल्ली सरकार के ₹1,03,000 करोड़ के बजट में 30% (₹30,799 करोड़) पूंजीगत व्यय पर खर्च, जबकि पंजाब में यह केवल 7.1%।
दिल्ली ने 8,748 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग बिना किसी बाधा के पूरी की; शिक्षा क्षेत्र में फीस माफिया पर कार्रवाई और ईडब्ल्यूएस प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की।

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 28 अगस्त से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की सहायता; पहले वर्ष के लिए ₹5,100 करोड़ का प्रावधान।
दिल्ली विधानसभा में दिल्ली लक्ष्मी योजना पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी तथा उसके नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सुशासन, पारदर्शिता और विकास आधारित राजनीति को नई दिशा मिली है।
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए सूद ने कहा कि केवल आईआईटी की डिग्री का प्रचार करने या Washington Post और New York Times जैसे विदेशी समाचार पत्रों में प्रायोजित सामग्री प्रकाशित कराने से सुशासन स्थापित नहीं होता।
उन्होंने कहा की सुशासन का आधार विज्ञापन नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और धरातल पर दिखाई देने वाला विकास होता है।
सूद ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं से किए गए आर्थिक वादों को वर्षों तक पूरा नहीं किया गया और चुनाव निकट आने पर ही बजट में राशि का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान पंजाब की महिलाओं को हजारों करोड़ रुपये के लाभ से वंचित रहना पड़ा।
रेखा गुप्ता सरकार के नेतृत्व में बिजली, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव
सूद ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बिजली, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 8,748 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग बिना किसी बिजली कटौती के पूरी की गई, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय कम मांग पर भी बिजली संकट और घबराहट का माहौल बनाया जाता था।
शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाया है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था लागू की है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने ₹1,03,000 करोड़ के बजट का लगभग 30 प्रतिशत अर्थात ₹30,799 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया है, जिससे नए विद्यालय, स्मार्ट कक्षाएं, कंप्यूटर लैब, सड़कें और अन्य सार्वजनिक अवसंरचना विकसित की जा रही है।

आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा दिल्ली लक्ष्मी योजना पर चर्चा के दौरान सदन से वॉकआउट किए जाने पर सूद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब सदन में माताओं, बहनों और बेटियों की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर चर्चा हो रही थी, तब विपक्ष ने चर्चा से भागने का रास्ता चुना।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय को विपक्ष की खाली पड़ी सीटों की तस्वीरें सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि दिल्ली की जनता देख सके कि महिलाओं के हितों पर चर्चा के समय कौन सदन से अनुपस्थित रहा।
सूद ने कहा कि जो विधायक महिलाओं के हित में चल रही चर्चा में शामिल होने तक को तैयार नहीं हैं, उन्हें इस योजना का श्रेय लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम
सूद ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 28 अगस्त से प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। योजना के पहले वर्ष के लिए ₹5,100 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने का माध्यम है।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
