चंडीगढ़ , 09 मई 2026 । कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ते अपराधों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सख्त कानून और त्वरित न्याय व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
सांसद ने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हरियाणा में बच्चों के विरुद्ध अपराधों के 7,547 मामले दर्ज हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें अपहरण, यौन शोषण, बाल हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। यह केवल कानून व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी प्रमाण है। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की घटनाएं पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई हैं। दहेज हत्या, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी हरियाणा का शीर्ष पर पहुंचना राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सैलजा ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध, छेड़छाड़, हिंसा और बच्चों से जुड़े अपराधों की घटनाएं लोगों में डर का माहौल पैदा कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है, इसलिए सरकार को कठोर और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित न्याय प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। साथ ही पुलिस व्यवस्था, जांच प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार केवल बयानबाजी से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि जमीन पर सख्त कार्रवाई दिखनी चाहिए।
राजनीतिक हलकों में सैलजा के बयान को विपक्ष की आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के समय में हरियाणा में अपराध से जुड़े कुछ मामलों ने व्यापक चर्चा बटोरी है, जिसके बाद विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा आज देशभर में बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। ऐसे मामलों में तेज जांच, प्रभावी पुलिसिंग और शीघ्र न्याय व्यवस्था लोगों का भरोसा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
फिलहाल सैलजा के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में और अधिक प्रमुखता से उठ सकता है।
