बंगाल में रिकॉर्डतोड़ मतदान, महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ लोकतंत्र में दिखाई बड़ी भागीदारी

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नई दिल्ली , 09 मई 2026 । चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों में पश्चिम बंगाल में हुई रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 93.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक माना जा रहा है। सबसे खास बात यह रही कि इस बार महिलाओं की भागीदारी पुरुष मतदाताओं से भी अधिक दर्ज की गई, जिसे लोकतांत्रिक जागरूकता और सामाजिक बदलाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की भागीदारी 93.8 प्रतिशत रही, जो पुरुषों के 92.06 प्रतिशत मतदान से थोड़ी अधिक थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल के आंकड़ों में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के मतदान आंकड़े शामिल नहीं हैं, क्योंकि वहां पुनर्मतदान होना है। आयोग के मुताबिक तमिलनाडु में 85.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां 5.74 करोड़ मतदाताओं में से करीब 4.8 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिला का मतदान प्रतिशत 86.2 रहा, जबकि पुरुषों में यह 83.77 प्रतिशत था। असम में भी जबरदस्त मतदान हुआ और अंतिम मतदान प्रतिशत 85.74 तक पहुंच गया।

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार महिला मतदाताओं की सक्रियता इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक रही।

विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और सरकारी योजनाओं का सीधा असर मतदान प्रतिशत में दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महिला मतदाताओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है, लेकिन इस बार पुरुषों से अधिक मतदान दर्ज होना राजनीतिक दलों के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।

चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे और कई स्थानों पर वेबकास्टिंग व लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई थी। आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की है।

राजनीतिक दल अब इन आंकड़ों का अपने-अपने तरीके से विश्लेषण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि महिलाओं की बड़ी भागीदारी चुनाव परिणामों पर भी अहम असर डाल सकती है। विभिन्न पार्टियों ने महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कई विशेष वादे और योजनाएं पेश की थीं।

लोकतंत्र विशेषज्ञों के अनुसार इतनी बड़ी मतदान प्रतिशत यह दर्शाती है कि लोगों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति विश्वास और जागरूकता लगातार मजबूत हो रही है। खासकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को भारतीय लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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