पंजाब , 09 मई 2026 । पंजाब के मोहाली में एक विधायक की गाड़ी रोकना ASI को भारी पड़ गया। मोहाली के ट्रैफिक कर्मी को आम आदमी पार्टी के विधायक का गुस्सा झेलना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस के ए.एस.आई. से नाराज हुए विधायक ने उसे ड्यूटी निभाने के लिए लाइन हाजिर करवा दिया। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब घटना के बाद संबंधित पुलिस अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई कर दी गई। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है कि कानून पालन और प्रोटोकॉल के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
मामले – गाड़ी के ऊपर लगी लाल बत्ती के कारण ए.एस.आई. ने 1500 का चालान काट दिया। इस दौरान ए.एस.आई. के साथ विधायक ढिल्लों और उसके ड्राइवर द्वारा बदतमीजी करने की भी बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार ASI ने नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधायक की गाड़ी को रोका था। हालांकि इसके बाद स्थिति विवाद का रूप लेती चली गई। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले की समीक्षा की गई और फिर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान नियमों का पालन करना पुलिस की जिम्मेदारी होती है और ऐसे मामलों में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखना भी आवश्यक होता है।
पुलिस विभाग की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि गाड़ी रोकने की परिस्थितियां क्या थीं और कार्रवाई किन आधारों पर की गई।
राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक दबाव और पुलिस व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं समर्थकों का कहना है कि पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्था के बीच संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ देती हैं। आने वाले दिनों में यदि मामले पर और जानकारी सामने आती है तो विवाद और बढ़ सकता है।
