गाजियाबाद , 20 मार्च 2026 । गाजियाबाद में 2027 की जनगणना को लेकर प्रशासन ने आधुनिक तकनीक के साथ व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की जगह डिजिटल सिस्टम को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत मोबाइल ऐप के जरिए सर्वेक्षण किया जाएगा।
वर्ष 2027 की जनगणना को लेकर जिले में बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन ने पूरे जिले को 10,025 छोटे-छोटे ब्लॉकों में बांटा है, ताकि कोई भी घर सर्वे से छूट न जाए। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
22 मई से शुरू होगा पहला चरण
जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मकानों की लिस्टिंग और उनकी गिनती की जाएगी। इसके लिए 10,000 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 हजार कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया जाएगा, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये कर्मी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी सीधे मोबाइल ऐप में दर्ज करेंगे, जिससे डेटा कलेक्शन की प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक हो सकेगी।
इस हाईटेक व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि डेटा रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा और त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड के कारण जानकारी को सुरक्षित रखने और विश्लेषण करने में भी आसानी होगी।
भारत सरकार द्वारा संचालित इस जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और संसाधनों का सटीक आकलन करना है, ताकि भविष्य की नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें उन्हें ऐप के इस्तेमाल, डेटा एंट्री और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सही और पूरी जानकारी देकर इस प्रक्रिया में सहयोग करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता और सटीकता भी बढ़ेगी। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो यह देशभर में भविष्य की जनगणना के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकता है।
