बागपत , 12 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि “धर्म पर हमला होगा तो योगी शांत नहीं बैठेगा।” मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
योगी ने अयोध्या में बने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, “हम लगातार संघर्ष करते रहे और परिणाम सबके सामने है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। कोई उसे रोक नहीं पाया।” उन्होंने कहा कि “धर्मो रक्षति रक्षितः” की भावना भारतीय संस्कृति का मूल है और अगर हम धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि सनातन परंपरा ने कभी किसी को गुलाम बनाने या किसी की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित रही है। योगी ने 11 मई की तारीख के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन सोमनाथ मंदिर की पुनः प्राण प्रतिष्ठा का स्मरण किया जाता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सोमनाथ महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अगर किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं या परंपराओं पर हमला किया जाएगा तो सरकार सख्त रुख अपनाएगी। उनके बयान को समर्थक हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर जोर दिया गया। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान के वीडियो और क्लिप तेजी से वायरल हो रहे हैं और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दे हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे बयान आने वाले चुनावी और सामाजिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं। योगी आदित्यनाथ का यह संदेश उनके समर्थक वर्ग को मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
