पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी-कोलकाता के बीच चलेगी

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नई दिल्ली, 01 जनवरी 2026 । भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच चलाने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेगी। थर्ड एसी का किराया ₹2,300 तय किया गया है। सेकेंड एसी का किराया ₹3,000 होगा। फर्स्ट AC का किराया करीब ₹3,600 प्रस्तावित किया गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पूरा कर लिया है। स्लीपर ट्रेन को 1000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस साल के आखिर तक लगभग 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी।

दो दिन पहले इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया था। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ी। लोको पायलट ने 4 ग्लास में पानी रखा, इतनी रफ्तार के दौरान भी ग्लास में से पानी नहीं छलका।

उधर बुलेट ट्रेन को लेकर रेलमंत्री ने कहा कि यह 15 अगस्त 2027 को शुरू होगी। सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा तक का सेक्शन खुलेगा। उसके बाद वापी से सूरत तक खुलेगा। फिर वापी से अहमदाबाद तक खुलेगा और उसके बाद ठाणे से अहमदाबाद तक चलाई जाएगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक स्लीपर कोच, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, उन्नत सुरक्षा फीचर्स और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया इंटीरियर होगा। इसमें स्वचालित दरवाजे, आरामदायक बर्थ, आधुनिक शौचालय, बेहतर लाइटिंग और स्मार्ट सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों की तुलना में अधिक तेज और सुरक्षित होगी।

पूर्वोत्तर के लिए यह परियोजना रणनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। गुवाहाटी इस क्षेत्र का प्रमुख प्रवेश द्वार है और कोलकाता देश के सबसे बड़े व्यापारिक व सांस्कृतिक केंद्रों में से एक। दोनों शहरों के बीच हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन शुरू होने से यात्रियों का दबाव अन्य ट्रेनों पर कम होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

कुल मिलाकर, गुवाहाटी–कोलकाता के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और ‘कनेक्टेड इंडिया’ की सोच को मजबूत करता है। यह पहल न सिर्फ यात्रा के अनुभव को बदलेगी, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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