मथुरा , 07 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। व्यापारी के घर हुई सनसनीखेज डकैती मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाश पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में लगातार दबिश दी जा रही थी।
चिकित्सकों ने मृत किया घोषित
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि यह मुठभेड़ यमुना एक्सप्रेस-वे के समीप तेंटीगांव अंडरपास के पास उस समय हुई, जब पुलिस टीम संदिग्ध बाइक सवारों की घेराबंदी कर रही थी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने यू-टर्न लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन बाइक फिसल गई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कारर्वाई में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा तथा हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मारे गए अपराधियों पर लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। दोनों पर इनाम भी घोषित था। घटनास्थल से अवैध हथियार, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब उनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उफर् लंबू (35) निवासी भरतपुर, राजस्थान तथा राजेंद्र उफर् पप्पू (55) निवासी अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है। दोनों अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और लंबे समय से डकैती, लूट तथा हत्या के प्रयास जैसी वारदातों में वांछित चल रहे थे।
योगी सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देती रही है। राज्य में हाल के वर्षों में पुलिस एनकाउंटर और गैंगस्टरों पर कार्रवाई को लेकर सरकार की नीति चर्चा में रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
