जासूसी केस में राहत: कैथल के देविंद्र सिंह को हाईकोर्ट से जमानत, सबूतों की कमी पड़ी भारी

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कैथल , 09 अप्रैल 2026 । हरियाणा के कैथल से जुड़े जासूसी मामले में आरोपी देविंद्र सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने ठोस सबूतों के अभाव में उन्हें जमानत दे दी। अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के खिलाफ केवल दो प्राथमिकी दर्ज हैं और उसके विरुद्ध कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है। केवल आरोपों के आधार पर लंबे समय तक हिरासत में रखना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने उसे नियमित जमानत देने का आदेश दिया।

जांच के अनुसार देविंद्र सिंह नवंबर 2024 में करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब, लाहौर और पंजा साहिब जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए गया था। वहीं उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जिसने कथित तौर पर उसे हनीट्रैप में फंसा लिया। आरोप है कि युवती ने उसे सात दिन तक अपने पास रखा और बाद में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े पांच एजेंटों से संपर्क कराया।

मामले में आरोप था कि देविंद्र सिंह संवेदनशील जानकारी साझा करने जैसी गतिविधियों में शामिल थे, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियां अदालत के सामने पर्याप्त और पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकीं।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है, जब तक कि उसके खिलाफ ठोस प्रमाण मौजूद न हों। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में सबूतों की अहमियत को दर्शाता है। बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी भी आरोपी को दोषी ठहराना संभव नहीं है, और अदालतें इसी सिद्धांत पर काम करती हैं।

इस फैसले के बाद मामले की जांच जारी रहेगी और आगे की सुनवाई में नए साक्ष्य सामने आने पर केस की दिशा बदल भी सकती है।

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