नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2026 । राहुल गांधी ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Central Armed Police Forces) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार बनती है, तो CAPF के साथ कथित भेदभाव वाली व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा, “नेतृत्व के अवसरों से वंचित रखने से लेकर वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े, लंबे समय से लंबित मुद्दों तक – यह संस्थागत अन्याय उन जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, जो अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित कर देते हैं। यह सिर्फ़ करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है।” उन्होंने कहा, “मैं और कांग्रेस पार्टी आपका पूरा आदर और आपसे मोहब्बत करते हैं और मानते हैं कि अपने बल में आपकी तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका हक है – हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और सीएपीएफ जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा। देश आप वीरों का ऋणी है, अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।”
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक के संबंध में विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि कि यह सीएपीएफ के किसी भी वर्ग के अहित में नहीं है और यह बलों को अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि CAPF के जवान देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें सेना के बराबर सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पाता। उन्होंने इस अंतर को खत्म करने की बात कही और जवानों के लिए बेहतर वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का वादा किया।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कई ऐसी विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है ताकि जवानों का मनोबल बढ़े और वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, क्योंकि CAPF से जुड़े लाखों जवान और उनके परिवार देशभर में प्रभाव रखते हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दल क्या रुख अपनाते हैं और क्या यह चुनावी एजेंडा बनता है।
