लखनऊ , 02 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देते हुए 11 नई हाउसिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत प्रदेश के 9 जिलों में 2900 से अधिक फ्लैट और विला का निर्माण किया जाएगा, जिससे न केवल आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कुल मिलाकर इन प्रोजेक्ट्स में लगभग ₹3200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एक दिन पूर्व बुधवार को सम्पन्न हुई यूपी रेरा की 199वीं प्राधिकरण बैठक में निवेश के लिहाज से गाजियाबाद सबसे आगे रहा, जहां 1,108.69 करोड़ की लागत से 568 आवासीय इकाइयों की परियोजना को स्वीकृति मिली वहीं, इकाइयों की संख्या के मामले में गौतमबुद्ध नगर शीर्ष पर रहा, जहां 843.14 करोड़ की लागत से 1,077 आईटी कार्यालय विकसित किए जाएंगे। लखनऊ में 947.04 करोड़ की दो परियोजनाओं को मंजूरी मिली, जिनमें कुल 815 इकाइयां विकसित होंगी।
इन नई परियोजनाओं का उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा करना है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और उच्च-मध्यम वर्ग के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस घर उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजनाओं में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एरिया, सुरक्षा व्यवस्था और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे रहने वालों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
UP RERA की मंजूरी मिलने का मतलब है कि इन परियोजनाओं में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें समय पर प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद भी रहेगी। रेरा के नियमों के तहत बिल्डर्स को तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करना होगा और किसी भी देरी या गड़बड़ी पर कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मंजूरी से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान आएगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेजी से शहरीकरण हो रहा है। यह पहल न केवल हाउसिंग डिमांड को पूरा करेगी बल्कि निर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगी।
सरकार की यह रणनीति ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों को आकर्षित करने में भी मददगार साबित हो सकती है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित जिलों में रियल एस्टेट गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
