नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2026 । दुनियाभर में जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है, जहां इसकी कीमत लगभग 100% तक बढ़ चुकी है। इसके बावजूद भारत में फिलहाल हवाई यात्रियों को राहत मिलती दिख रही है, क्योंकि घरेलू स्तर पर किराए बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF यानी जेट फ्यूल 100% से ज्यादा महंगा हो गया है। इस तेजी के बावजूद सरकार ने ATF में बढ़ोतरी को सिर्फ 25% तक सीमित रखने का फैसला किया है।
Jet Fuel यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज बढ़ोतरी का असर आमतौर पर एयरलाइंस की लागत पर पड़ता है। लेकिन भारतीय एयरलाइंस कंपनियां फिलहाल इस अतिरिक्त बोझ को खुद वहन करने की रणनीति अपना रही हैं, ताकि यात्रियों पर सीधा असर न पड़े।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयरलाइंस कंपनियां डायनेमिक प्राइसिंग, लागत प्रबंधन और अन्य ऑपरेशनल उपायों के जरिए इस दबाव को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। इसके अलावा, सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि अचानक किराए में उछाल से यात्रियों को परेशानी न हो।
हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो भविष्य में किराए बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल के लिए यात्रियों को राहत है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, Jet Fuel की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में किराया स्थिर रखना एक संतुलन बनाने की कोशिश है, जिससे एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को राहत मिल सके।
