लुधियाना , 30 मार्च 2026 । सरकारी स्कूलों में लगातार बढ़ रही गैरहाजिरी को रोकने के लिए अब शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। नए आदेशों के तहत जो छात्र नियमित रूप से स्कूल नहीं आते, उनके खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने ई-पंजाब पोर्टल (एम.आई.एस. 2.0) पर हाजिरी मॉड्यूल और विद्यार्थियों की हाजिरी के लिए ‘अलर्ट सिस्टम’ लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डायरैक्टर जनरल स्कूल शिक्षा पंजाब की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों आदेश जारी कर दिए गए हैं।
नए सिस्टम के अनुसार स्कूल खुलने के निर्धारित घंटों के भीतर ही ई-पंजाब पोर्टल पर विद्यार्थियों की हाजिरी लगानी अनिवार्य होगी। इस मॉड्यूल की खासियत यह है कि जैसे ही किसी विद्यार्थी को पोर्टल पर गैरहाजिर (एब्सैंट) मार्क किया जाएगा, तुरंत उसके माता-पिता या अभिभावकों के मोबाइल फोन पर एक एस.एम.एस. अलर्ट पहुंच जाएगा। स्कूल प्रमुखों को हिदायत दी गई है कि वे लंबे समय से गैर-हाजिर चल रहे विद्यार्थियों के मामले में अभिभावकों से निजी तौर पर संपर्क साधें। यह कदम छात्रों की पढ़ाई में सुधार और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Department of School Education द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को हर छात्र की दैनिक उपस्थिति का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से बनाए रखना होगा। लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की सूची तैयार कर उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा और आवश्यक होने पर काउंसलिंग भी की जाएगी।
इसके अलावा, यदि कोई छात्र लंबे समय तक बिना सूचना के गैरहाजिर रहता है, तो उसके नामांकन (एडमिशन) पर भी प्रभाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में परीक्षा में बैठने की अनुमति भी उपस्थिति के आधार पर तय की जा सकती है।
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शिक्षक छात्रों की अनुपस्थिति के कारणों को समझें और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। जरूरत पड़ने पर घर जाकर संपर्क करने या विशेष सहायता देने जैसी पहल भी की जा सकती है।
इस कदम का उद्देश्य केवल सख्ती करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और वह पढ़ाई से दूर न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित उपस्थिति से न केवल शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर होता है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
