मोहम्मद शमी को चुनाव आयोग का नोटिस

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नई दिल्ली, 05 जनवरी 2026 । भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई है। यह नोटिस कथित तौर पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में भेजा गया है, जिसके बाद खेल और राजनीति के बीच की रेखा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। चुनाव आयोग ने शमी से इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब मांगा है।

चुनाव आयोग ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शमी ओर उनके भाई मोहम्मद कैफ के SIR फॉर्म में गड़बड़ियां मिली हैं, इसलिए दोनों को बुलाया गया है। हालांकि शमी या चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार शमी के एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ-मैपिंग से जुड़ी गड़बड़ियां मिली हैं। इसके बाद साउथ कोलकाता के वार्ड नंबर 93 से नोटिस जारी किए गए, जिसमें उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने को कहा गया है।

शमी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जो रासबिहारी असेंबली सीट के अंदर आता है। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अपने पैतृक गांव में वोटिंग की थी।

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 16 दिसंबर को बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश हुई थी, जिसमें 58.21 लाख लोगों के नाम काटे गए थे। इसके बाद दावा, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है।

मोहम्मद शमी देश के जाने-माने क्रिकेटर हैं और उनकी लोकप्रियता का दायरा खेल से आगे भी फैला हुआ है। ऐसे में चुनावी समय में उनके किसी भी सार्वजनिक कदम को संवेदनशीलता से देखा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव आयोग इस तरह के मामलों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाता है, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर किसी भी तरह का प्रभाव न पड़े।

क्रिकेट और खेल जगत से जुड़े कई लोगों का मानना है कि खिलाड़ियों को चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए, ताकि उनकी छवि और खेल की निष्पक्षता दोनों सुरक्षित रहें। वहीं, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि जब तक पूरे तथ्यों की जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल मोहम्मद शमी या उनके प्रतिनिधियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। चुनाव आयोग को दिए जाने वाले जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सार्वजनिक जीवन में प्रसिद्ध हस्तियों की जिम्मेदारी कितनी व्यापक होती है, खासकर तब जब देश में चुनावी माहौल हो।

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