यूक्रेनी सेना की कैद में गुजरात का छात्र

Date:

नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025 । यूक्रेन संकट के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसमें गुजरात का एक छात्र यूक्रेनी सेना की कैद में होने की जानकारी मिली है। इस घटना के सामने आने के बाद छात्र के परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है, वहीं भारत में भी इस मामले को लेकर गंभीरता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि छात्र यूक्रेन में पढ़ाई के सिलसिले में गया था और युद्धग्रस्त हालात के बीच यह स्थिति उत्पन्न हुई।

यूक्रेनी सेना की कैद से गुजरात के एक छात्र साहिल मोहम्मद हुसैन ने वीडियो मैसेज भेजा है। इसमें भारतीय युवाओं से किसी भी परिस्थिति में रूसी सेना में शामिल न होने की अपील की है। यह वीडियो सोमवार को सामने आया।

उसका आरोप है कि रूस में उसे एक झूठे ड्रग्स मामले में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया और जबरन रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। हुसैन को अभी यूक्रेन में कहां रखा गया है इसकी जानकारी नहीं है।

यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने हुसैन के वीडियो गुजरात में उसकी मां को भेजे। उनसे रूसी सेना में फंसाए जा रहे भारतीयों के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा। मां ने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। इस मामले की अगली सुनवाई फरवरी में होगी।

सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। ऐसे में कई जगहों पर पहचान और गतिविधियों को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। माना जा रहा है कि संदेह या दस्तावेजों से जुड़ी किसी जांच के चलते छात्र को हिरासत में लिया गया हो सकता है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार अभी भी किया जा रहा है।

इस मामले के सामने आने के बाद छात्र के परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा केवल पढ़ाई के उद्देश्य से यूक्रेन गया था और उसका किसी भी तरह की गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। वे चाहते हैं कि भारत सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और छात्र की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की जाए।

कूटनीतिक स्तर पर भी इस खबर को गंभीरता से देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं और यूक्रेनी अधिकारियों से संपर्क की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इससे पहले भी यूक्रेन युद्ध के दौरान कई भारतीय नागरिकों और छात्रों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें भारत सरकार ने विशेष प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला था।

यह मामला एक बार फिर विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। युद्ध और अस्थिरता के बीच फंसे छात्रों के लिए समय पर जानकारी, कूटनीतिक सहयोग और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है। फिलहाल पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गुजरात के इस छात्र की सुरक्षित रिहाई कब और कैसे होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की

 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा...

एमसीडी ने अनधिकृत निर्माण और खतरनाक भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली, 15 सितंबर, 2026 दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने...

भारत-अफगानिस्तान T20 की शुरुआत में गूंजा ‘वंदे मातरम्

नई दिल्ली, भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी20...