शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई पर

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नई दिल्ली, 27  नवम्बर 2025 । भारतीय शेयर बाजार ने 14 महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर नया ऑल-टाइम हाई छू लिया है। यह उछाल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वैश्विक परिस्थितियों में भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रमाण है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने लगातार मजबूती दिखाते हुए रिकॉर्ड स्तर पार किए, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे।

शेयर मार्केट आज यानी 27 नवंबर को 14 महीने बाद ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया था।

फिलहाल सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 85,580 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 40 अंक की गिरावट है, ये 26,170 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ऑटो, फाइनेंस और बैंकिंग शेयर्स में बढ़त है।

बाजार की इस रैली के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। सबसे पहले, घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक मजबूत बने हुए हैं—मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी, जीएसटी संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि, और महंगाई दर में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की वापसी ने भी बाजार को गति दी, क्योंकि वे डॉलर इंडेक्स की नरमी और भारत के स्थिर आर्थिक माहौल का लाभ उठाना चाहते हैं।

दूसरा बड़ा कारण है कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत कमाई। कई दिग्गज कंपनियों ने अपेक्षा से बेहतर तिमाही नतीजे दिए, जिससे बैंकिंग, आईटी, ऊर्जा, ऑटो और इंफ्रा जैसे सेक्टर्स में खरीदारी बढ़ी। घरेलू रिटेल निवेशक भी लगातार SIPs और डायरेक्ट इक्विटी में निवेश बढ़ा रहे हैं, जो बाजार को स्थिरता प्रदान कर रहा है।

वैश्विक स्तर पर भी भारत के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं मंदी या धीमी गति से गुजर रही हैं, जबकि भारत की ग्रोथ रेट दुनिया में सबसे ऊंची रहने की संभावना है। geopolitical uncertainties के बीच भारत को एक सुरक्षित और स्थिर निवेश गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है।

14 महीने बाद इस नए ऑल-टाइम हाई का मतलब है कि बाजार न सिर्फ रिकवरी मोड में है, बल्कि नई रैली के लिए तैयार है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि रिकॉर्ड स्तरों पर बाजार में अस्थिरता भी बढ़ सकती है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियाँ इस बात की गवाही देती हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों लंबे समय के लिए मजबूत पथ पर हैं।

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