सुप्रीम कोर्ट के सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जायेगा – मनजिंदर सिंह सिरसा

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• उन्होंने बैठक ली जिसमें दिल्ली सरकार, पुलिस, एमसीडी एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 25 । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की। कोर्ट ने इस साल के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान बना रहे।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “यह फैसला दिल्ली के उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो दिवाली पारंपरिक तरीके से मनाना चाहते थे। हमारी सरकार लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है और यह सुनिश्चित कर रही है कि त्योहार पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाया जाए।”

आदेश जारी होने के तुरंत बाद मंत्री सिरसा ने लगातार बैठकों के ज़रिए दिल्ली सरकार, पुलिस, एमसीडी एवं संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को लागू करने की तैयारी की। इसके साथ ही PESO-प्रमाणित विक्रेताओं के साथ भी संवाद किया गया जिसने अधिकारियों के समक्ष विक्रेताओं ने अपनी बात रखी और माननीय मंत्री ने इससे संबंधित निर्देश अधिकारियों को जारी किए।

इन बैठकों में डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल, स्पेशल कमिश्नर (पुलिस) रविंद्र यादव, DPCC चेयरमैन संदीप कुमार, और PESO, NEERI, MCD, NDMC व दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

विक्रेताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल NEERI द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखे जिन पर QR कोड हो, वही बेचें। बिक्री 18 से 20 अक्टूबर 2025 (तीन दिन) तक ही की जा सकेगी। इनकी बिक्री के स्थान जिलाधिकारियों और पुलिस उपायुक्तों द्वारा तय किए जाएंगे।

सिरसा ने आगे कहा, “इस दिवाली पटाखा विक्रेता भी हमारे अभियान का हिस्सा हैं। वे लोगों को बताएं कि केवल ग्रीन पटाखे ही मान्य हैं और सुप्रीम कोर्ट ने इनके उपयोग का समय सिर्फ दो घंटे रात में (8 से 10 बजे) और एक घंटा सुबह (6 से 7 बजे) तय किया है। यह छूट फिलहाल अस्थायी है, लेकिन अगर दिल्ली ने अनुशासन और जागरूकता दिखाई तो यह स्थायी भी हो सकती है।”

दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया गया है कि अस्थायी बिक्री लाइसेंस के आवेदन दो दिनों के भीतर निपटाए जाएं ताकि विक्रेताओं को समय पर अनुमति मिल सके। दिवाली के बाद दो दिन का समय विक्रेताओं को दिया जाएगा ताकि बचा हुआ माल लौटाया या सुरक्षित तरीके से इसका निपटान किया जा सके।

पर्यावरण मंत्री ने कहा, “यह साझा जिम्मेदारी का समय है। जनता ने अनुमति मांगी थी — अब नियमों का पालन भी सबको मिलकर करना होगा। आइए, हम सब मिलकर दिवाली खुशियों और जिम्मेदारी के साथ मनाएं, ताकि परंपरा और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि दिवाली पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों की अनुमति दी जाए ताकि लोगों की भावनाओं और पर्यावरणीय जिम्मेदारी – दोनों का संतुलन बना रहे।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा 14 से 25 अक्टूबर तक हर दिन AQI स्तर की निगरानी की जाएगी और रिपोर्ट CPCB व सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी, जैसा कि कोर्ट के निर्देश में कहा गया है।

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