जुबीन गर्ग मौत मामला, सिंगर के दो सिक्योरिटी ऑफिसर गिरफ्तार

Date:

असम , 10 अक्टूबर 2025 । गां वी संगीत और फिल्म जगत की तेज आवाज़, असम के लोकप्रिय गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत के बाद से चल रही जांच ने आज एक और अहम मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT), जो इस मामले की तह तक जाने में जुटी है, ने दो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO — Personal Security Officers) को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने पूरे मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच को और पेचीदा बना दिया है।

असम के मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत मामले में उनके दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ​​ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। दोनों का नाम नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य है, जो लंबे समय से जुबीन गर्ग के सिक्योरिटी ऑफिसर थे।

पुलिस ने दोनों को उनके बैंक अकाउंट से पिछले चार-पांच सालों के दौरान ₹1 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन के मामले में गिरफ्तार किया है। इनमें से ₹70 लाख बोरा और ₹40 लाख बैश्य के खाते में आए थे। दोनों अफसरों को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था।

सिंगर की मौत मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें जुबीन के चचेरे भाई और DSP संदीपन गर्ग, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह गायिका अमृतप्रभा महंत, नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकनु महंत, बैंड के ड्रम मास्टर शेखर ज्योति गोस्वामी शामिल हैं।

जुबीन की 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्र में डूबने से मौत हो गई थी। उस वक्त जुबीन नाव में कुल 17 लोगों के साथ सवार थे। जुबीन जिस कार्यक्रम के लिए सिंगापुर गए थे, उसे श्यामकनु ने ऑर्गनाइज किया था।

SIT ने अब तक 60 से ज्यादा FIR दर्ज कीं

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बताया कि जुबीन की मौत के मामले में अब तक राज्य में 10 लोगों के खिलाफ 60 से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं। स्पेशल DGP गुप्ता ने बताया कि सिंगापुर में की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्रोटोकॉल के अनुसार परिवार को दी जाएगी। सिंगापुर की जांच टीम ने भी काम किया। उन्होंने परिवार से संपर्क भी किया। वहीं, गुवाहाटी में किए गए दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है।

विसरा सैंपल को डिटेल जांच के लिए दिल्ली के सेंट्रल फोरेंसिक लैब भेजा गया है। गुप्ता ने कहा कि विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार और हमारे पास उपलब्ध हो जाएगी। मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर के आंतरिक अंगों जैसे आंत, लिवर, किडनी से लिए जाने वाले नमूने विसरा सैंपल (Viscera sample) कहलाते हैं।

पुलिस अधिकारी ने कहा था कि हमें आरोपियों के खिलाफ कुछ सबूत मिले हैं। इसलिए आगे जांच के लिए उनकी गिरफ्तारी जरूरी थी। SIT सूत्रों के मुताबिक, वीडियो में गोस्वामी गर्ग के बहुत करीब तैरते दिखाई दिए, जबकि अमृतप्रभा ने पूरी घटना को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की

 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा...

एमसीडी ने अनधिकृत निर्माण और खतरनाक भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली, 15 सितंबर, 2026 दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने...

भारत-अफगानिस्तान T20 की शुरुआत में गूंजा ‘वंदे मातरम्

नई दिल्ली, भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी20...