ट्रम्प बोले-सुना है भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा

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वाशिंगटन , 02 अगस्त 2025 – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी खबरें हैं कि भारत ज्यादा दिन तक रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इन खबरों के सही होने की जानकारी नहीं है। लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह अच्छी बात होगी। आगे देखते हैं कि क्या होता है।

इससे पहले रॉयटर्स की रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिकी दबाव और कीमत बढ़ने की वजह से रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है। इसके बाद शुक्रवार शाम भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस दावे में कितनी सच्चाई है।

वहीं, रॉयटर्स के दावों को खारिज करते हुए ANI ने कहा कि भारतीय कंपनियां अभी भी रूस से तेल खरीद रही है।

रॉयटर्स का दावा- भारतीय कंपनियों को कम फायदा

रॉयटर्स ने 30 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने रूस से तेल की खरीदी को रोक दी है, क्योंकि छूट कम हो रही है और शिपिंग में दिक्कतें आ रही हैं।

इसमे यह भी कहा गया था कि, पिछले एक सप्ताह में रूस से कच्चे तेल की मांग नहीं की गई है। भारतीय रिफाइनरियां रूसी कच्चा तेल कम खरीद रही हैं, क्योंकि वहां से मिलने वाली छूट 2022 के बाद से सबसे कम हो गई है।

अब रिफाइनरियों को डर है कि रूस पर लगे नए प्रतिबंधों से विदेशी व्यापार में मुश्किलें आ सकती है। यूरोपीय यूनियन ने 18 जुलाई को रूस पर नए प्रतिबंध लगाए थे। जिसमें रूसी तेल और ऊर्जा उद्योग को और अधिक नुकसान पहुंचाने के उपाय भी शामिल हैं ।

यूरोपीय यूनियन रूसी तेल की कीमत बाजार मूल्य से 15% कम रखने की कोशिश कर रहा है।

भारतीय अधिकारी बोले- अभी भी रूसी तेल खरीद रहे

इस बीच ANI की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि भारतीय कंपनियां अभी भी रूस से तेल खरीद रही है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने सूत्रों को बताया कि तेल की खरीद का फैसला पूरी तरह आर्थिक वजहों पर आधारित होता है, जैसे कि तेल की कीमत, उसकी किस्म, मौजूदा भंडार, लॉजिस्टिक सुविधा और दूसरी व्यावसायिक जरूरतें।

अधिकारियों ने कहा कि रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक और निर्यातक है। वह हर दिन करीब 9.5 मिलियन बैरल तेल निकालता है, जो दुनिया की कुल मांग का करीब 10% है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है।

ऐसे में भारत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए ऊर्जा के अपने स्रोतों को रणनीतिक रूप से तय किया है ताकि सस्ती और भरोसेमंद आपूर्ति बनी रहे।

अधिकारी बोले- रूसी तेल खरीदने पर प्रतिबंध नहीं

भारतीय सूत्रों ने बताया कि रूस से तेल खरीदने पर कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं है। हां, G7 देशों और यूरोपीय यूनियन ने इसकी कीमत पर एक सीमा जरूर तय की है, ताकि रूस को बहुत ज्यादा कमाई न हो और दुनिया को तेल की सप्लाई भी बनी रहे। भारत ने हमेशा इस नियम का पालन किया है और जो भी तेल खरीदा है, वो अंतरराष्ट्रीय नियमों के अंदर रहकर ही खरीदा है।

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