नई दिल्ली । 5 जून 2025 । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बल मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अमृत मोहन प्रसाद, महानिदेशक तथा डॉ. अनुपमा निलेकर चंद्रा, अपर महानिदेशक ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कर किया। इस अवसर पर बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जवानों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
अपने संबोधन में अमृत मोहन प्रसाद ने बल के सभी अधिकारियों और जवानों को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हुए, सशस्त्र सीमा बल द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए जा रहे नीतिगत कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बल परिसरों को हरित परिसर में बदलने के लिए प्रयास जारी हैं। इस पहल को और बढ़ाते हुए “सर्वश्रेष्ठ हरित परिसर प्रतियोगिता” भी शुरू कर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही बल में “शून्य अपशिष्ट नीति” भी चरणबद्ध रुप में लागू की जाएगी।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए चयनित क्षेत्रों में ई-वाहनों की खरीद की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। ऊर्जा संरक्षण हेतु ठंडे क्षेत्रों में पारंपरिक बुखारियों की जगह ऊर्जा-कुशल हीट पंप लगाने पर पहल की जाएगी। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में सौर और पवन ऊर्जा के विकल्प पर कार्य होगा। साथ ही जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं ग्रे वाटर रीसायक्लिंग पर कार्य किया जाएगा।
वर्ष 2020 से 2024 के बीच सशस्त्र सीमा बल द्वारा कुल 64,07,295 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से 1,29,920 पौधे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रोपे गए हैं। बल के जवान इन पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित कर रहे हैं।
महानिदेशक महोदय ने बल की सभी इकाइयों से अपने परिसरों के साथ ही आसपास के गांवों, विद्यालयों और स्थानीय समुदायों में पर्यावरण जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, वृक्षारोपण और संवाद के माध्यम से सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पर्यावरणीय जागरुकता संबंधी प्रतियोगिताओं का आयोजन करके विजेताओं को महानिदेशक महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनुपमा निलेकर चंद्रा, अपर महानिदेशक, गणेश कुमार, महानिरीक्षक (कार्मिक), पारुल कुश जैन, महानिरीक्षक (प्रशासन एवं प्रावधान), वंदन सक्सेना, महानिरीक्षक (प्रचालन एवं आसूचना) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और बल की सभी इकाइयां वर्चुअल माध्यम से जुड़ी रही।
