महाराष्ट्र में GB सिंड्रोम के 130 मरीज, 20 वेंटिलेटर पर

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महाराष्ट्र , 31 जनवरी। महाराष्ट्र के पुणे, पिंपरी चिंचवाड़ और दूसरे इलाकों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामले बढ़कर 130 हो गए हैं। इनमें से 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 29 जनवरी को 3 केस सामने आए थे। कल एक भी मामला सामने नहीं आया।

अधिकारियों के मुताबिक, 130 मरीजों में पुणे नगर निगम के 25 मरीज हैं। निगम में जोड़े गए गांवों से 74 मरीज हैं। पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम के 13 मरीज हैं। पुणे ग्रामीण से और अन्य जिलों से 9-9 मरीज हैं।

30 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग के जारी बुलेटिन के मुताबिक राज्य में GB सिंड्रोम के कारण पुणे में 56 साल की महिला और सोलापुर में 40 साल के व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

डिप्टी सीएम अजीत पवार ने गुरुवार को पुणे में जिला योजना समिति की बैठक की। उन्होंने अधिकारियों के निर्देश दिया कि मरीजों से ज्यादा फीस लेने वाले प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लें। पवार पुणे जिले के संरक्षक मंत्री भी हैं।

सिंड्रोम की बड़ी वजह बैक्टीरिया, एडवाइजरी जारी

  • सिंड्रोम का पहला मरीज 9 जनवरी को मिला था। टेस्ट में पता चला कि उसके सैंपल्स में कैंपीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया था। यह बैक्टीरिया दुनियाभर में GBS के एक तिहाई केसों में पाया गया है।
  • GBS के बढ़ते मामलों के बीत रविवार को अधिकारियों ने पुणे में पानी का सैंपल लिया। यहां कैंपीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टिरिया मिलने की जानकारी नहीं आई है।
  • उन्होंने बताया कि पुणे के मेन वाटर रिजरवॉयर खड़कवासला बांध के पास एक कुएं में बैक्टीरिया E कोली का लेवल बहुत हाई है।
  • ये साफ नहीं है कि कुएं का इस्तेमाल जारी है या नहीं। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि उबला हुआ पानी पिएं, ठंडा खाना खाने से बचें। गर्म भोजन ही करें।

इलाज महंगा, एक इंजेक्शन 20 हजार का

GBS का इलाज महंगा है। डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों को आमतौर पर इम्युनोग्लोबुलिन (IVIG) इंजेक्शन के कोर्स करना होता है। निजी अस्पताल में इसके एक इंजेक्शन की कीमत 20 हजार रुपए है।

पुणे के अस्पताल में भर्ती 68 साल के मरीज के परिजनों ने बताया कि इलाज के दौरान उनके मरीज को 13 इंजेक्शन लगाने पड़े थे।

डॉक्टरों ने मुताबिक GBS की चपेट में आए 80% मरीज अस्पताल से छुट्टी के बाद 6 महीने में बिना किसी सपोर्ट के चलने-फिरने लगते हैं। लेकिन कई मामलों में मरीज को एक साल या उससे ज्यादा समय भी लग जाता है।

डिप्टी CM पवार ने GBS के मुफ्त इलाज की घोषणा की

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार ने GBS मरीजों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवाड़ के लोगों का इलाज VCM अस्पताल में होगा, जबकि पुणे नगर निगम क्षेत्र के मरीजों का इलाज कमला नेहरू अस्पताल में होगा। ग्रामीण क्षेत्रों की जनता के लिए पुणे के ससून अस्पताल में फ्री इलाज मिलेगा।

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