ICU में नहीं दिया घुसने पर भड़के BJP विधायक के भाई, अस्पताल स्टाफ को लात-घूंसों से पीटा, वीडियो वायरल

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मथुरा (उत्तर प्रदेश) ,21 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भाजपा (BJP) विधायक के भाई द्वारा अस्पताल के स्टाफ को लात-घूंसों से मारने का मामला सुर्खियों में है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि भाजपा विधायक पूरन प्रकाश के भाई अस्पताल कर्मचारियों पर हमला कर रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

क्या है पूरा मामला?
यह घटना मथुरा के एक निजी अस्पताल की है, जहां विधायक पूरन प्रकाश के भाई एक मरीज से मिलने पहुंचे थे। उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में जाने की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि अस्पताल के नियमों के अनुसार ICU में केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। इसी बात से नाराज होकर विधायक के भाई ने आपा खो दिया और अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विधायक के भाई अस्पताल स्टाफ को लात और घूंसों से मार रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, और मामले की जांच जारी है।

अस्पताल प्रशासन और स्टाफ का बयान
अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि ICU एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां केवल मरीजों के तीमारदारों को ही सीमित समय के लिए जाने की अनुमति होती है। नियमों के तहत विधायक के भाई को ICU में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वे नाराज हो गए और हिंसा पर उतारू हो गए। इस हमले में कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, और वीडियो फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने भाजपा विधायक और उनके परिवार के सदस्यों की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे “सत्ता का दुरुपयोग” करार दिया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, भाजपा की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

निष्कर्ष
यह घटना मथुरा के स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा और कर्मचारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। सत्ता के नशे में किए गए इस तरह के हमले न केवल अस्पतालों के कार्यों में बाधा डालते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवालिया निशान लगाते हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं, और क्या आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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