नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026 । राजधानी दिल्ली के शकूर बस्ती इलाके में आधी रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में उठती लपटें आग के गोले की तरह दिखाई देने लगीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मंजर इतना भयावह था कि हर तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार आग लगने की सूचना शुक्रवार रात 11 बजकर 14 मिनट पर मिली। उसने बताया कि शुरुआत में दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैली आग पर काबू पाने के लिए बाद में और गाड़ियों को भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपना सामान तक समेटने का मौका नहीं मिला। करीब 100 से ज्यादा झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए। कई लोगों ने अपनी आंखों के सामने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी को जलते हुए देखा।
दमकल विभाग को घटना की सूचना मिलते ही कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी अभी भी पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर और भोजन-पानी की व्यवस्था करने का दावा किया है।
यह घटना एक बार फिर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों की असुरक्षित जिंदगी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती है। सवाल यह भी उठता है कि इतनी बड़ी आबादी के बावजूद इन इलाकों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं।
