बदायूं , 21 अप्रैल 2026 । समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने को लेकर संसद में एक निजी विधेयक (Private Member Bill) लाएगी। इस प्रस्ताव ने सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की राजनीति को फिर से केंद्र में ला दिया है।
लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य सचेतक और आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा है कि “अगर आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर लागू किया जाना था, तो 2023 में नया मसौदा लाने की क्या जरूरत थी?” धर्मेंद्र यादव ने परिसीमन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और असम में हुए परिसीमन के बाद विपक्ष का भरोसा कमजोर हुआ है और इसी कारण विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा कानून में ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने इसे “सबसे बड़ी खामी” बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन वास्तविक तौर पर सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की महिलाओं के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही। सपा का दावा है कि यह विधेयक समान अवसर और समावेशी राजनीति को बढ़ावा देगा।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं। कई दल इसे संवैधानिक और सामाजिक दृष्टि से जटिल मुद्दा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विधेयकों को पारित कराने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति जरूरी होती है।
कुल मिलाकर, यह मुद्दा आने वाले समय में संसद और सियासी गलियारों में बड़ी बहस का कारण बन सकता है, खासकर जब महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय जैसे विषय पहले से ही चर्चा में हैं।
