तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन , 09 अप्रैल 2026 । ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सीजफायर समझौते की तीन अहम शर्तों का उल्लंघन किया गया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन किया है।
ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वही पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।
ईरान के अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका ने तय शर्तों के तहत सैन्य गतिविधियों में कमी और कुछ प्रतिबंधों में राहत देने का वादा किया था, लेकिन इनका पालन पूरी तरह नहीं किया गया। ईरान का दावा है कि समझौते की भावना के खिलाफ जाकर अमेरिका ने कुछ ऐसे कदम उठाए, जिससे विश्वास में कमी आई है।
दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से इन आरोपों पर अभी तक स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद बढ़ता है, तो क्षेत्र में अस्थिरता फिर से बढ़ सकती है और इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए सीजफायर की घोषणा की गई थी। अब यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक स्तर पर इस विवाद को कैसे सुलझाया जाता है।
