उत्तराखंड/नई टिहरी , 21 मार्च 2026 ।ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में 20 बॉन्डधारी डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। एसीएमओ जितेंद्र भंडारी ने बताया कि 21 में 20 डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है। एक डॉक्टर के जल्द ज्वाॅइन करने की उम्मीद है। बताया, गत माह संपन्न साक्षात्कार में टिहरी को 21 डॉक्टर मिले हैं।
इन डॉक्टरों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है, जहां डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई थी। बॉन्डधारी डॉक्टर आमतौर पर अपनी पढ़ाई के बाद एक निश्चित अवधि तक सरकारी सेवा देने के लिए बाध्य होते हैं, और इसी के तहत उन्हें इन स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से ग्रामीण इलाकों में मरीजों को अब छोटी-छोटी बीमारियों के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रही योजनाओं के साथ इस पहल को जोड़कर स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, डॉक्टरों को आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की नियुक्तियां लगातार होती रहें, तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, CHC और PHC में 20 डॉक्टरों की तैनाती स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
