अमृतसर , 20 मार्च 2026 । पंजाब की राजनीति में एक नया अध्याय लिखते हुए, भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को लेकर कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि आज़ादी के बाद यह पहली ऐसी सरकार है जिसने अपने चुनावी वादों को पूरी तरह से पूरा करने का साहस दिखाया और उसे ज़मीन पर लागू भी किया।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, विधायक और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि “पंजाब सरकार के चार साल, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ” के तहत यह पंजाब के इतिहास में पहली ऐसी सरकार है, जिसने अपने 5 साल के कार्यकाल की बजाय मात्र 4 साल में ही 1000–1500 रुपये प्रति माह सामान्य वर्ग और दलित वर्ग की महिलाओं के खातों में राशि भेजने, राज्य के हर नागरिक को 10 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को बिना शर्त 600 यूनिट मुफ्त बिजली, 64 हजार सरकारी नौकरियां, 40 लाख परिवारों को ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत गेहूं के साथ दाल, हल्दी, नमक, तेल आदि की मुफ्त राशन किट, शिक्षा क्रांति और स्वास्थ्य क्रांति के तहत आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक खोलने जैसी ऐतिहासिक जनकल्याणकारी सुविधाएं देकर अपने 100 प्रतिशत चुनावी वादे (घोषणापत्र) पूरे करने का मील का पत्थर स्थापित किया है।
धालीवाल के अनुसार, सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और किसानों से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसले लेकर जनता के भरोसे को मजबूत किया है। खासतौर पर मुफ्त बिजली, मोहल्ला क्लीनिक, सरकारी स्कूलों के स्तर में सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदमों को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उनका कहना है कि पहले की सरकारें वादे करती थीं लेकिन उन्हें पूरा करने में असफल रहती थीं, जबकि मान सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है।
आम आदमी पार्टी की सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ डिजिटल गवर्नेंस को भी बढ़ावा दिया है, जिससे आम जनता को सेवाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। धालीवाल ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी विकास योजनाओं को समान रूप से लागू किया गया है।
हालांकि विपक्ष इस दावे को चुनौती देता रहा है और कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाता है, लेकिन धालीवाल ने इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए खारिज किया। उनका कहना है कि जनता खुद देख रही है कि किस तरह सरकार ने अपने वादों को अमलीजामा पहनाया है।
आने वाले चुनावों को देखते हुए यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की रणनीति का हिस्सा है। अगर सरकार अपने दावों को सही साबित करने में सफल रहती है, तो यह भारतीय राजनीति में एक नई परंपरा स्थापित कर सकती है, जहां चुनावी वादों को केवल वादे नहीं बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखा जाएगा।
