रूसी तेल खरीद पर केंद्र पर भड़की कांग्रेस

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नई दिल्ली, 07 मार्च 2026 । रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर Indian National Congress ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को इस फैसले पर देश और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति बतानी चाहिए।

भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से जो 30 दिनों की छूट का एलान किया है, उसपर सियासी घमासान शुरू हो गया है।

कांग्रेस पार्टी ने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला और अमेरिकी ब्लैकमेल बताया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है कि आखिर अमेरिका इस तरह से हमें कब तक ब्लैकमेल करता रहेगा।

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में इस बारे में बीते सेशन का वीडियो शेयर किया है। राहुल ने कहा था- क्या अमेरिका हमें बताएगा कि हम रूस या ईरान से तेल खरीद सकते हैं या नहीं। यह अमेरिका तय करेगा, हमारे प्रधानमंत्री नहीं।

कांग्रेस का आरोप है कि रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदने के फैसले पर सरकार पारदर्शिता नहीं दिखा रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि भारत की विदेश नीति संतुलित होनी चाहिए और ऐसे फैसलों पर संसद तथा जनता को भी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।

दरअसल, भारत ने हाल के वर्षों में Russia से रियायती दरों पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है। सरकार का कहना है कि इससे देश को सस्ता तेल मिलता है और घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

वहीं विपक्ष का मानना है कि इस मुद्दे पर सरकार को अंतरराष्ट्रीय हालात और कूटनीतिक संतुलन को लेकर अधिक स्पष्टता देनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि रूस से तेल खरीदने का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा और इससे भारत के अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ रिश्तों पर क्या असर पड़ सकता है।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मामला संसद और राजनीतिक बहस में और जोर पकड़ सकता है।

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