NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर CJI का एक्शन

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नई दिल्ली, 25 फ़रवरी 2026 ।  स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ से जुड़े अध्याय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश D. Y. Chandrachud ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से रिपोर्ट तलब की है। मामला NCERT की एक पुस्तक में प्रकाशित सामग्री से जुड़ा बताया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की क्लास 8 की नई किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI ने कहा- किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा। कोर्ट इस मामले पर खुद एक्शन लेने के लिए विचार कर रहा है।

दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन पर एक सेक्शन शुरू किया है।

इस चैप्टर में सुप्रीम कोर्ट के 81 हजार, हाईकोर्ट्स के 62 लाख 40, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है।

सूत्रों के अनुसार, अध्याय में न्यायपालिका से जुड़े भ्रष्टाचार के संदर्भ में कुछ उदाहरण और टिप्पणियां शामिल थीं, जिन्हें लेकर आपत्ति जताई गई। याचिका में कहा गया कि इस तरह की सामग्री विद्यार्थियों के बीच न्यायपालिका की छवि को प्रभावित कर सकती है।

मुख्य न्यायाधीश ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रारंभिक जानकारी मांगी है और यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा सामग्री तथ्यों पर आधारित और संतुलित होनी चाहिए। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार का अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की आलोचनात्मक समझ विकसित करना जरूरी है, लेकिन पाठ्यपुस्तकों में संतुलन और संदर्भ का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

यह मामला शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा के बीच संतुलन की बहस को फिर से केंद्र में ले आया है। आने वाले दिनों में अदालत और संबंधित शैक्षणिक निकायों की ओर से आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकती है।

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