NH-74 भूमि घोटाले में चला ED का हंटर: 13.89 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क

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उत्तराखंड , 19 फ़रवरी 2026 । राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े NH-74 भूमि घोटाले में Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13.89 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि मुआवजा वितरण में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने चर्चित NH-74 घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 13.89 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर दी हैं. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है.

ईडी ने यह जांच उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. आरोप है कि कुछ लोगों ने राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से जमीन से जुड़े पुराने आदेशों को बैकडेट में पास करवाया और बाद में उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा दिया. इन आदेशों के जरिए जमीन को कृषि भूमि से गैर-कृषि (नॉन-एग्रीकल्चर) श्रेणी में दिखाया गया, ताकि NH-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण के दौरान ज्यादा मुआवजा मिल सके.

क्या है मामला?

NH-74 परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ भूखंडों की प्रकृति बदलकर उन्हें अधिक मुआवजा श्रेणी में दिखाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ। ईडी ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी और राज्य एजेंसियों की जांच के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।

जांच का दायरा
  1. भूमि उपयोग परिवर्तन की जांच – क्या कृषि भूमि को व्यावसायिक/आवासीय श्रेणी में दिखाकर मुआवजा बढ़ाया गया?

  2. अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका – किन-किन लोगों की संलिप्तता थी?

  3. फंड ट्रेल – कथित अवैध धन किस तरह से निवेश या ट्रांसफर किया गया?

संभावित प्रभाव

इस कार्रवाई से संबंधित अधिकारियों, भू-माफियाओं और लाभार्थियों पर कानूनी दबाव बढ़ेगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषियों पर कठोर दंड और संपत्तियों की स्थायी जब्ती संभव है। साथ ही, भविष्य में भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की जरूरत भी रेखांकित हुई है।

NH-74 भूमि घोटाले में ईडी की 13.89 करोड़ की कुर्की ने यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई होगी। अब निगाहें अदालत की कार्यवाही और आगे की जांच पर टिकी हैं, जो इस मामले की पूरी तस्वीर साफ करेगी।

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