नई दिल्ली । 8 फरवरी 26 । रोहिणी जिला के अंतर्गत मंगोलपुरी रोहिणी सेक्टर 1 से 19 और रोहिणी में तक कुल 22 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में समाज के प्रभावी और बुद्धिजीवी और देश के प्रख्यात कलाकारों और कवियों ने हिस्सा लिया सभी कार्यक्रम भव्य, दिव्य और सुंदर रहे।
जिस में हिंदू समाज ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया छोटे बच्चों ने कला साहित्य के माध्यम से समाज में जागरण भाव भरें , देश में राष्ट्र भक्ति और एकता की भावना जागृत की सभी कार्यकमों में गीत कविता कला हवन और नृत्य भजन प्रस्तुत किया गई पूरा समाज एकजुट रहा आचार्य शिव नारायण शास्त्री आर्य समाज के प्रवक्ता भी उपस्थित रहे आचार्य चन्द्रपुरी महाराज ने हिंदू धर्म अपना विचार व्यक्त किया प्रत्येक कार्यक्रम में संत समाज और संघ के पदाधिकारियों ने अपने विचारों से लोगों को प्रेरित किया शाम में मानव विहार सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम में बाबा सत्य नारायण मौर्य अपने विचार व्यक्त किए साथ मोहम्मद फ़ैज़ ने अपने हिंदू विचारों से समाज को जोड़ने का आह्वान किया।


- बाबा स्वामी नारायण मौर्य साथ में कवि राजेश चेतन और मोहम्मद फ़ैज़ कार्यकम को सम्बोधित किया।
- शिव नारायण स्वामी जी आर्य समाज के प्रवक्ता।
- विभिन्न कार्यक्रमों में महामंडलेश्वर और संत समाज के लगभग 25 से अधिक लोग शामिल हुए।
- कार्यक्रमों में कला साहित्य पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक बस्तुओं की प्रस्तुति के साथ इनकी स्टॉल भी लगाई गई
- चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित रही।
- बच्चों के द्रारा नाटक मंचन रहा।
- सप्तर्षि पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 ब्रह्मर्षि स्वामी चन्द्रमणि पुरी जी महाराज, सनातन सप्तर्षि अखाड़ा, दिल्ली।

सभी कार्यक्रमों में लगभग 28000 सेअधिक लोग शामिल हुए। जिसमे बच्चे और महिलाएँ की भागीदारी अधिक रही इन कार्यक्रमों में संघ के दृष्टिकोण से दिल्ली प्रांत ,विभाग और ज़िलें के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- प्रांत से रितेश , रजनीश जी शशांक उपस्थित रहे।
- विभाग से अनिल , संजीव संजय उपस्थित रहे।
- ज़िलें से गौतम सौरभ और चिंतामणि और अरुण उपस्थित रहे ।
- सभी नगरों के नगर कार्यवाह अपने नगरों के कार्यकम में उपस्थित रही।
- साथ ही समाज और अध्यात्म और समाज के कुशल लोगों का नेतृत्व रहा साथ मिस्टर कलाकार जगत की लोगों की गरिमाई उपस्थति रही।
- इन सभी कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न सक्रिय संस्थाएं शामिल रही हैं जिनके सहयोग और प्रयास कार्यक्रमों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण था।
