नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026 । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणादायी पहल ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अंतर्गत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने माननीय विधायक अनिल शर्मा (आर.के. पुरम) की विशिष्ट उपस्थिति में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर स्थित नर्मदा हॉस्टल में डॉ. दीप नारायण पांडेय (वार्डन-नर्मदा हॉस्टल) के साथ पीपल के पौधे का वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर – प्रोफेसर मनु राधा चौधरी, विकसित भारत एम्बेसडर सचिव – डॉ. देवेंद्र भारद्वाज और सदस्य – डॉ. प्रवीन गौतम सहित JNU की टीम भी उपस्थित रही।
इस अवसर पर चहल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में JNU में पहली महिला उपकुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित जी का पदभार संभालना ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।
वृक्षारोपण के बाद चहल ने छात्रावास के भोजनालय में गए और छात्रों के साथ संवाद किया। छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की सराहना की और उनके प्रभाव पर चर्चा की।
चहल ने यह भी कहा कि आने वाले समय में JNU में फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे, इसका संकल्प भी आज लिया गया।
इसके पूर्व, JNU में वृक्षारोपण से पहले चहल ने पालिका निकेतन, NDMC फ्लैट्स, आर.के. पुरम में भी पौधारोपण किया, जिसमें माननीय विधायक अनिल शर्मा और स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
इस अवसर पर विधायक अनिल शर्मा ने एनडीएमसी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी की पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहल को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान #EkPedMaaKeNaam_OnSunday जनसामान्य को प्रकृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय निवासी, RWA प्रतिनिधि तथा एनडीएमसी के सिविल, स्वास्थ्य, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपनी माँ के नाम पर पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया।
उपाध्यक्ष चहल ने जानकारी दी कि #EkPedMaaKeNaam_OnSunday अभियान के तहत पीपल, चंपा, नीम, अशोक सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे स्थानीय निवासियों एवं RWA सदस्यों द्वारा लगाए गए। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रत्येक रविवार नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चहल ने कहा,
“यह केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी माताओं और प्रकृति के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। माँ के नाम पर लगाया गया प्रत्येक पौधा भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ उसके संरक्षण का संकल्प भी है।”
