ईरान से लौटे भारतीय,दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजन से मिलकर रोए

Date:

नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026 ।  ईरान में बिगड़े हालात के बीच सुरक्षित स्वदेश लौटे भारतीयों की दिल्ली एयरपोर्ट पर बेहद भावुक तस्वीरें सामने आईं। जैसे ही लौटे यात्रियों की अपने परिजनों से मुलाकात हुई, लंबे समय से दबा डर, तनाव और अनिश्चितता आंसुओं के रूप में बाहर आ गई। कई परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर राहत की सांस ली, तो कुछ की आंखें अपने प्रियजनों को सही-सलामत देखकर भर आईं।

ईरान में जारी हिंसा के बीच फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। कुछ लोग भारत सरकार की पहल से लौटे, तो कुछ अपने खर्च पर वापस आए।

दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजन से मिलते ही कई नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान ईरान में हालात कैसे बिगड़े। ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा, ‘वहां हालात बहुत खराब हैं। हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।’

ईरान से लौटी एक मेडिकल स्टूडेंट ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली पहुंची।

भारत सरकार ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी करके भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने को कहा था। भारत सरकार के प्रयासों से निजी फ्लाइट के जरिए नागरिक वापस लौटे हैं।

सरकार और दूतावास की भूमिका
स्वदेश लौटे भारतीयों ने भारत सरकार और भारतीय दूतावास के प्रयासों की सराहना की। समय पर जानकारी, समन्वय और विशेष उड़ानों के जरिए उन्हें सुरक्षित वापस लाया गया। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जब यात्रियों ने बाहर कदम रखा, तो इंतजार कर रहे परिजनों की भावनाएं काबू में नहीं रहीं।

परिजनों की आंखों में राहत और सुकून
दिल्ली एयरपोर्ट पर कई मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदार घंटों से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अपने बच्चों और प्रियजनों को सामने देखा, भावनाएं उमड़ पड़ीं। किसी ने कहा कि हर दिन डर के साये में बीता, तो किसी ने बताया कि रातों की नींद उड़ गई थी। सुरक्षित वापसी ने पूरे परिवार को सुकून दिया।

घर वापसी के बाद नई शुरुआत
ईरान से लौटे भारतीय अब कुछ समय परिवार के साथ बिताकर खुद को मानसिक रूप से संभालने की कोशिश करेंगे। कई लोगों ने कहा कि वे हालात सामान्य होने तक दोबारा विदेश जाने का फैसला सोच-समझकर ही करेंगे। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि संकट के समय घर और परिवार का महत्व सबसे ज्यादा महसूस होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related