- दृष्टिहीन के सभी प्रकार के गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
- अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर श्री सत्य साईं ऑडिटोरियम में हुआ भव्य कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली,05 दिसम्बर 2025 । प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि, देश जब 2047 में अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा होगा तब उस विकसित भारत का लक्ष्य पूरा होने में दिव्यांगों के कौशल का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा, दिल्ली सरकार दिव्यांगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की इसी दिशा में कार्य कर रही है। यह बात अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस को लेकर शुक्रवार को लोधी रोड स्थित श्री सत्य साईं ऑडिटोरियम में हुए भव्य कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कही। इस अवसर पर 208 दिव्यांगों को 356 उच्च गुणवत्ता वाले सहायक उपकरणों का वितरण भी किया गया।
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द के प्रयोग की पहल कर दिव्यांगों को उनकी शक्ति का अहसास दिलाया। ‘सुगम्य भारत अभियान’ और दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम 2016 के जरिये दिव्यांगों का जीवन गरिमामय और सशक्त बनाया जा रहा है। भारत अब विश्व के सबसे प्रगतिशील दिव्यांग अधिकार देशों में आता है। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि 21 वीं सदी में देश के विकास में दिव्यांगों के कौशल की भागीदारी अधिक से अधिक हो, इस दिशा में दिल्ली सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विगत नौ महीनों में दिल्ली सरकार और समाज कल्याण विभाग ने भी विकसित दिल्ली लक्ष्य की दिशा में दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सम्मानजनक और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को सहयोग प्रदान करने हेतु ₹6000 मासिक ‘अटेंडेंट अलाउंस’ उपलब्ध कराया। ओलंपिक के साथ पैरालंपिक में भी स्वर्ण पदक के लिए 7 करोड़, रजत के लिए 5 करोड़ और कांस्य के लिए विजेताओं को 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक के लिए 3 करोड़, रजत पदक के लिए 2 करोड़ और कांस्य पदक के लिए 1 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की गई है।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि यूडीआईडी कार्ड के निर्माण को लेकर संबंधित विभागों, अस्पतालों तथा मेडिकल बोर्ड से भी सरकार ने इस कार्य को गति देने के लिए कहा है, ताकि जिन्हें इन कार्ड्स की आवश्यकता है, उन्हें समय पर सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दिव्यांग प्रतिभाओं एवं पैरा-ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। इनमें दृष्टिहीन महिला टी-20 वर्ल्ड कप टीम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर एवं डीयू की छात्रा अनु कुमारी भी शामिल रहीं। इटली में आयोजित विंटर गेम्स स्पेशल ओलंपिक की स्नो शूइंग इवेंट में विजेता पूजा छोटी, पोलैंड में आयोजित स्पेशल ओलंपिक के वॉलीबॉल वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाली कल्याणी और एशिया पैसिफिक बोचे और बॉलिंग गेम में स्वर्ण जीतने वाली प्रियंका को भी सम्मानित किया गया।
कैबिनेट मंत्री ने एवरेस्ट पर फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा, ब्यूरोक्रेट हनुमंत राव एवं देवेंद्र झाझरिया, दीपा मालिक, मनीष नरवाल, नवदीप सिंह सहित अनेक खिलाड़ियों को देश के लिए प्रेरणा बताया।
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि उन्होंने होली, दिवाली और जन्मदिन जैसे सभी अवसर दिव्यांगों एवं वृद्धजनों के साथ उनके होम्स में मनाए हैं, जहाँ उन्हें सच्ची खुशी और अपनत्व का अनुभव मिला। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सरल, सहज और ईश्वर-समान होते हैं। समाज को उनके प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि यहां उपस्थित सभी दिव्यांग मानसिक रूप से सशक्त, प्रेरणादायी तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 से 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जा रहा है, इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण की चिंता करना है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार के सभी द्वार सुझावों के लिए सदैव खुले हैं। दिव्यांगजनों के सुझावों के क्रियान्वयन हेतु सरकार प्रतिबद्ध है।
