कर्नाटक , 27 नवम्बर 2025 । कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर सत्ता संघर्ष और नेतृत्व विवाद के केंद्र में है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुर्सी को लेकर उठ रही अटकलों के बीच अब राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने खुलकर उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पक्ष में बयान देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
परमेश्वर ने कहा कि शिवकुमार एक मजबूत प्रशासक और स्वाभाविक नेता हैं, जो राज्य का नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं। उनके इस बयान ने कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बढ़ाया है, क्योंकि पूर्व से ही दोनों नेताओं के बीच सत्ता-साझेदारी को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच गुरुवार को गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि वह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री मानने के लिए तैयार हैं।
इधर, सिद्धारमैया के एक और करीबी मंत्री जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है।
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर मामले को मिलकर सुलझाने की बात कही है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर सभी से बातचीत की जाएगी।
2.5 साल पूरे होने पर बढ़ी खींचतान
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। अब सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे। हालांकि शिवकुमार ने ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी होने से इनकार किया।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलको में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।
