जर्मनी बोला- रूस जंग खत्म करने को तैयार नहीं

Date:

बर्लिन, 27  नवम्बर 2025 । यूरोप में रूस–यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक हलचलें तेज हैं, लेकिन जर्मनी ने साफ कहा है कि रूस किसी भी तरह की शांति प्रक्रिया या युद्ध समाप्ति के लिए तैयार नहीं है। जर्मनी का यह बयान न सिर्फ मौजूदा हालात का संकेत देता है, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा व्यवस्था, NATO की रणनीति और भविष्य की शांति पहलों पर भी बड़ा प्रभाव डालता है।

जर्मनी ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन जंग खत्म करने के लिए किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहा है।

बुधवार को जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने संसद में कहा कि रूस ने यूक्रेन के लिए तैयार की गई नई शांति योजना पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

2029 तक नाटो पर हमला कर सकता है रूस

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने मंगलवार चेतावनी दी है कि रूस अगले चार साल में किसी NATO देश पर हमला कर सकता है। उन्होंने यह बात बर्लिन फॉरेन पॉलिसी फोरम में कही।

वेडफुल ने बताया कि जर्मन खुफिया एजेंसियों के मुताबिक रूस 2029 तक NATO के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि रूस की महत्वाकांक्षा सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं है। उसने पिछले कुछ सालों में अपनी सैन्य ताकत और हथियार उत्पादन काफी बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि रूस ने अपनी अर्थव्यवस्था और समाज को काफी हद तक युद्ध के हिसाब से ढाल दिया है। साथ ही, रूस जरूरत से ज्यादा सैनिकों की भर्ती कर रहा है। लगभग हर महीने एक नई डिविजन तैयार की जा रही है।

नाटो चीफ बोले- रूस शांति समझौते के बाद भी खतरा

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध में अगर शांति समझौता भी हो जाए, तब भी रूस यूरोप के लिए लंबे समय तक खतरा बना रहेगा। उन्होंने यह बयान ब्रसेल्स में स्पेनिश अखबार एल पाइस को दिए इंटरव्यू में दिया।

रुटे ने यह भी कहा कि यूरोप का कोई भी देश यह न सोचे कि वह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि रूसी मिसाइलें कुछ ही मिनटों में किसी भी यूरोपीय शहर तक पहुंच सकती हैं।

रुटे ने यूक्रेन मुद्दे पर ट्रम्प की कूटनीतिक कोशिशों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नया शांति प्रस्ताव आगे बातचीत की अच्छी शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए जो दबाव बनाया, वह बिल्कुल जरूरी था। उन्होंने NATO के सदस्य देश स्पेन को आने वाले समय में अपना रक्षा बजट को बढ़ाने की भी सलाह दी

शांति का रास्ता अभी दूर

जर्मनी का साफ संदेश है कि रूस न तो बातचीत के लिए राजी है, न ही युद्ध रोकने के लिए
इससे स्पष्ट है कि:

  • यूरोप को लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।

  • यूक्रेन को और मजबूत सहायता की आवश्यकता पड़ेगी।

  • कूटनीतिक प्रयासों को नई रणनीति के साथ आगे बढ़ाना होगा।

युद्ध के लिए रूस की “अनम्यता” अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को फिलहाल अंधेरी सुरंग में ले जाती है, और भविष्य में नए भू-राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत भी कर सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related