दूसरे टेस्ट से पहले नीतीश रेड्डी की टीम में वापसी

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नई दिल्ली,  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को दूसरे टेस्ट से पहले एक बड़ी मजबूती मिली है। युवा ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी की टीम में वापसी ने न सिर्फ टीम की बैलेंसिंग को बेहतर किया है, बल्कि पहले टेस्ट में दिखाई कमजोरियों को दूर करने की उम्मीद भी बढ़ा दी है। चयनकर्ताओं ने मेडिकल टीम की सलाह के बाद उन्हें पूर्णतः फिट माना, जिसके बाद दूसरे मैच के लिए उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में वापस बुला लिया गया है। वे आज यानी 18 नवंबर को ईडन गार्डन्स में टीम के ऑप्शनल ट्रेनिंग सेशन में शामिल होंगे। दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा।

रेड्डी को दो मैचों की टेस्ट सीरीज का हिस्सा बनाया गया था, लेकिन कोलकाता में हुए पहले टेस्ट से ठीक पहले उन्हें रिलीज कर गिया गया और भारत-ए की साउथ अफ्रीका-ए के खिलाफ सीरीज के लिए भेज दिया गया था। BCCI पहले ही साफ कर चुका था कि वे दूसरे टेस्ट से स्क्वॉड में जुड़ेंगे, लेकिन अब उन्हें निर्धारित समय से पहले बुला लिया गया है।

पहले टेस्ट में भारत हारा, मैच ढाई दिन में ही खत्म पहला टेस्ट ईडन गार्डन्स में खेला गया था, जो ढाई दिन में ही खत्म हो गया। भारत को इस मैच में 30 रन से हार झेलनी पड़ी। 14 नवंबर से शुरू हुआ मुकाबला 16 नवंबर की दोपहर में ही समाप्त हो गया, जबकि इसे 18 नवंबर तक खेला जाना था। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 और दूसरी पारी में 153 रन बनाए।

जवाब में भारत ने पहली पारी में 189 रन और दूसरी पारी में केवल 93 रन बनाए।

रेड्‌डी ने साउथ ए के खिलाफ पहले मुकाबले में 37 रन बनाए थे राजकोट में पहले भारत-ए मैच में रेड्डी ने 37 रन बनाए और गेंदबाजी में 1/18 का स्पैल डाला। दूसरे मैच में उन्हें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में मौका नहीं मिला। अब स्क्वाड में वापसी के कारण वे 19 नवंबर को होने वाला तीसरा भारत-ए मैच नहीं खेल पाएंगे।

गिल की फिटनेस पर संशय, रेड्डी हो सकते हैं महत्वपूर्ण विकल्प कप्तान शुभमन गिल की गर्दन की चोट से उबरने में देरी हो रही है और उनका दूसरे टेस्ट में खेलना अभी भी संशय में है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को एक अतिरिक्त बल्लेबाजी कवर की जरूरत पड़ सकती है। भारत के पास देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन दोनों लेफ्ट-हैंडर हैं और टीम में पहले से ही कई लेफ्ट-हैंडर बल्लेबाज मौजूद हैं। इससे मैच-अप में समस्या आ सकती है।

नीतीश खुद भी काफी उत्साहित हैं। टीम में वापसी पर उन्होंने कहा कि चोट का दौर मुश्किल था, लेकिन इस वापसी ने उन्हें मानसिक तौर पर और मजबूत बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के लिए योगदान देना ही उनकी प्राथमिकता है और वे अवसर मिलने पर अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।

दूसरे टेस्ट से पहले उनकी मौजूदगी टीम इंडिया की प्लानिंग और विपक्ष पर दबाव दोनों को प्रभावित कर सकती है। अब देखना होगा कि प्लेइंग इलेवन में उन्हें किस भूमिका में उतारा जाता है और उनकी यह वापसी भारत के प्रदर्शन को कितना मजबूती देती है।

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