डायबिटीज-मोटापे से जूझ रहे लोगों को अमेरिकी वीजा मिलना मुश्किल

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वॉशिंगटन , 08 नवम्बर 2025 । अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे भारतीयों के लिए एक नई चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डायबिटीज, अत्यधिक मोटापा और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर जोखिम वाले लोगों के लिए अमेरिकी वीज़ा प्रक्रिया कठिन होती जा रही है। कई आवेदकों को इंटरव्यू के दौरान अतिरिक्त मेडिकल डॉक्यूमेंट्स, डॉक्टर की फिटनेस रिपोर्ट और विस्तृत स्वास्थ्य इतिहास जमा करने के लिए कहा जा रहा है।

क्यों बदला रुख?

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी आव्रजन विभाग ऐसे लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग को गंभीरता से देख रहा है जो:

  • यात्रा के दौरान या अमेरिका में रहने के दौरान मेडिकल इमरजेंसी का उच्च जोखिम रखते हैं

  • मोटापे, हाई शुगर और रक्तचाप जैसी समस्याओं से गंभीर रूप से प्रभावित हैं

  • बीमा और इलाज से जुड़े संभावित खर्च अमेरिकी सिस्टम पर भार डाल सकते हैं

कई केसों में दस्तावेज़ अधूरे या अस्पष्ट होने पर वीजा रिजेक्ट भी हुए हैं।

डायबिटीज, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए अब अमेरिका में प्रवेश पाना मुश्किल हो सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को दुनियाभर के अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को अमेरिका आने या रहने की अनुमति न दें।

यह नियम ‘पब्लिक चार्ज’ (सार्वजनिक बोझ) नीति पर आधारित है, जिसका मकसद ऐसे अप्रवासियों को रोकना है जो अमेरिकी सरकारी संसाधनों पर निर्भर हो सकते हैं।

इसमें वीजा अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदकों के हेल्थ, उम्र और फाइनेंशियल स्टेटस की जांच करें। अगर कोई व्यक्ति भविष्य में महंगी चिकित्सा देखभाल या सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना रखता है, तो उसका वीजा रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

वीजा अधिकारी तय करेंगे अप्रवासी सरकार पर बोझ तो नहीं

अधिकारियों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि आवेदक के स्वास्थ्य को ध्यान में रखना जरूरी है। चिकित्सा स्थितियां जैसे हृदय रोग, सांस की दिक्कत, कैंसर, डायबिटीज, मेटाबॉलिक डिजीज, न्यूरोलॉजिकल डिजीज और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं लाखों डॉलर की देखभाल की जरूरत पैदा कर सकती हैं।

इसके अलावा, अधिकारी मोटापे जैसी स्थितियों को भी ध्यान में रखेंगे, क्योंकि यह अस्थमा, स्लीप एप्निया और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

हाल में कई वीजा एजेंट और आवेदकों ने सोशल मीडिया पर ऐसे अनुभव साझा किए कि स्वास्थ्य रिपोर्ट के चलते वीज़ा प्रक्रिया लंबी और मुश्किल हुई। इससे मुद्दा अचानक सुर्खियों में आ गया।

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