- आर्य समाज की 150वीं वर्षगांठ और महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर वैश्विक आयोजन
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर 2025 । अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरीशस, संयुक्त राज्य अमेरिका, सूरीनाम, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप सहित 30 से अधिक देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत पहुंच चुके हैं। यह चार दिवसीय आयोजन 30 अक्तूबर से 2 नवम्बर 2025 तक स्वर्ण जयंती पार्क, रोहिणी सेक्टर-10, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। चार दिनों के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्तूबर 2025 को इस महासम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती की शाश्वत वैदिक विचारधारा और सुधारवादी दृष्टि को समर्पित है। दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित इस समारोह में कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे, जिनमें मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति धरम गोकहूल, सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चान संतोखी, मॉरीशस के कृषि उद्योग मंत्री डॉ. अरविन बूलैल, अबू धाबी के बीएपीएस (BAPS )हिंदू मंदिर के प्रमुख स्वामी ब्रह्मविहारिदास , गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी, और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले दो वर्षों से चल रहे वैश्विक उत्सव का भव्य समापन है। अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 महर्षि दयानंद के अमर संदेश — “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” (आओ, हम विश्व को श्रेष्ठ बनाएं) — को पुनः प्रतिध्वनित करता है। सम्मेलन का उद्देश्य मानव कल्याण, सामाजिक समरसता और नैतिक उत्थान को बढ़ावा देना है, साथ ही आर्य समाज के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना है, जिसने वैदिक मूल्यों, समानता और विश्व बंधुत्व का प्रसार किया।
30 अक्तूबर 2025 उद्घाटन दिवस पर, देश-विदेश से आए आर्य विद्वान और नेता भविष्य की दिशा तय करने के लिए रणनीतिक चर्चाओं में भाग लेंगे। इसी दिन 11,111 यज्ञों का आयोजन भी होगा, जो आध्यात्मिक एकता और वैश्विक कल्याण के सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगा।
ज्ञान ज्योति पर्व के अध्यक्ष एस.के. आर्य ने कहा,“दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 की मेजबानी करना हमारे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है — यह आर्य समाज के वैश्विक परिवार का एक ऐतिहासिक संगम है। पिछले एक सदी से भी अधिक समय से आर्य समाज विश्वभर में शिक्षा, सामाजिक सुधार और मानव सेवा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। इसने निर्धनों के लिए भोजन और आश्रय, बच्चों के लिए शिक्षा और समाज के वंचित वर्गों के लिए सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब विश्वभर से प्रतिनिधि आर्य समाज के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं, हम पुनः अपने सामूहिक मिशन को दोहरा रहे हैं — समानता, ज्ञान, शांति और धर्मनिष्ठा का प्रसार, महर्षि दयानंद सरस्वती के उपदेशों और वेदों की शाश्वत शिक्षाओं की सच्ची भावना में।”
चार दिवसीय सम्मेलन के दौरान वैदिक प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी, युवा सम्मेलन और महिला सशक्तिकरण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से ग्लोबल आर्य यूथ डायलॉग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें युवा पीढ़ी आर्य समाज के भविष्य की दिशा तय करने में अपनी भूमिका निभाएगी। इंटरएक्टिव पवेलियनों में आर्य समाज के शिक्षा, सामाजिक सुधार, नागरिक उत्तरदायित्व और वैश्विक मानवीय सेवा के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा — जो विविधता में एकता और आधुनिक समाज में वैदिक ज्ञान की वैश्विक प्रासंगिकता का उत्सव मनाएगा।
