- स्पीकर ने किया रोहिणी सेक्टर-7 के छठ घाट का निरीक्षण
- रोहिणी घाट पर 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए हो रही व्यापक तैयारी, – रोहिणी क्षेत्र के 7–8 प्रमुख घाटों पर भी जारी हैं तैयारियां
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2025 । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष एवं रोहिणी के स्थानीय विधायक विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-7 स्थित छठ घाट का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय छठ सेवा समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ आगामी छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान गुप्ता ने घाट पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं जनसुविधाओं की स्थिति का जायज़ा लिया और विभिन्न विभागों तथा स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि रोहिणी सेक्टर-7 का यह प्रमुख घाट लगभग 50,000 श्रद्धालुओं को समायोजित करने के लिए तैयार किया जा रहा है, जहाँ स्वच्छता, रोशनी और व्रतधारियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि व्रतधारियों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े उसके लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गुप्ता ने बताया कि रोहिणी क्षेत्र के 7–8 प्रमुख छठ घाटों पर तैयारियाँ चल रही हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिक समूहों के संयुक्त प्रयासों से श्रद्धालुओं के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण सृजित किया जा रहा है। उन्होंने इस सामंजस्यपूर्ण समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी एकजुटता समाज में एकता और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करती है।
अध्यक्ष ने कहा कि “छठ महापर्व केवल आस्था और श्रद्धा का पर्व नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और सद्भाव के प्रति हमारे सामूहिक संकल्प का प्रतीक भी है। यह पर्व विभिन्न समुदायों को एक सूत्र में पिरोता है और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करता है।”

गुप्ता ने यह भी कहा कि वे सांस्कृतिक और नागरिक चेतना के प्रसार के प्रति सदैव प्रतिबद्ध हैं ताकि छठ जैसे जनआस्था के पर्व गरिमा, अनुशासन और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।
गुप्ता ने यह भी कहा कि “हर पर्व हमारे सामूहिक चरित्र का दर्पण होता है , जब अनुशासन और भक्ति एक साथ चलते हैं, तब रोहिणी सच्चे अर्थों में नागरिक सद्भाव का आदर्श उदाहरण बन जाती है।”
अंत में गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि रोहिणी सहित सभी छठ घाटों पर की जा रही व्यवस्थाएँ इस वर्ष के छठ महापर्व को यादगार, सुरक्षित और अनुकरणीय बनाएंगी, जो दिल्ली की आस्था और उत्सवधर्मिता की गौरवशाली परंपरा को और सुदृढ़ करेगी।
