बंगाल गैंगरेप- पीड़ित के पिता की ममता बनर्जी से माफी

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2025 । पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गैंगरेप पीड़ित MBBS छात्रा के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से माफी मांगी है। पीड़ित के पिता ने कहा- ममता बनर्जी मेरे लिए मां जैसी हैं। अगर मैंने कुछ भी गलत कहा है, तो मैं उनसे माफी मांगता हूं। मैं उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं।

दरअसल, CM ममता ने गैंगरेप मामले पर कहा था कि लड़कियों को रात में बार नहीं निकलना चाहिए। इससे नाराज पीड़ित के पिता ने कहा था- ऐसा लग रहा है कि बंगाल में औरंगजेब शासन है। वह (ममता बनर्जी) महिला होकर इतनी गैर-जिम्मेदाराना बात कैसे कह सकती हैं?

इधर, दुर्गापुर पुलिस पीड़ित से आरोपियों की पहचान कराने के लिए पहचान परेड (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) की तैयारी कर रही है। पुलिस कोर्ट से इसकी इजाजत मांगेगी। परमिशन मिली, तो पीड़ित को आरोपियों के सामने लाया जाएगा और वह खुद उनकी पहचान करेगी।

MBBS छात्रा से 10 अक्टूबर की रात उसके मेडिकल कॉलेज के पास गैंगरेप हुआ था। इस मामले में उसके दोस्त सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित के दोस्त ने अब तक नहीं बताया है कि वह उसे छोड़कर क्यों भागा और कॉलेज आने के बाद किसी को घटना की जानकारी क्यों नहीं दी।

दोस्त के साथ डिनर पर गई थी छात्रा पीड़ित ओडिशा की रहने वाली है और दुर्गापुर के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS सेकेंड ईयर की स्टूडेंट है। वह 10 अक्टूबर की रात 8 से 9 बजे के बीच अपने एक पुरुष मित्र के साथ डिनर पर गई थी। रात करीब 10 बजे, वापस लौटते समय मेडिकल कॉलेज के पास कुछ लोगों ने उससे रेप किया।

छात्रा की आपबीती, 4 पॉइंट्स में…

  • तीन लोगों ने मेरा रास्ता रोका, मेरा दोस्त मुझे अकेला छोड़कर भाग गया।
  • आरोपियों ने मेरा फोन छीन लिया और जंगल में ले गए, जहां तीनों ने रेप किया।
  • आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी।
  • घटना के बाद आरोपियों ने फिर मेरा मोबाइल वापस करने के लिए पैसे भी मांगे।

आरोपियों का गैट पैटर्न एनालिसिस भी करा सकती है पुलिस पुलिस ने बताया कि 16 या 17 अक्टूबर को पीड़ित के दोस्त की मेडिको-लीगल जांच कराने की भी तैयारी है। जांच अधिकारी आरोपियों के गैट पैटर्न एनालिसिस (चाल-ढाल विश्लेषण) के बारे में भी सोच रहे हैं।इसमें किसी व्यक्ति के चलने या दौड़ने के तरीके का एनालिसिस किया जाता है।

इस जांच में घटनास्थल पर मौजूद पैरों के निशान या CCTV कैमरे में किसी संदिग्ध की चाल की तुलना आरोपियों की चाल से की जाती है। CCTV फुटेज में मास्क या अंधेरे में चेहरा छिपा होने पर भी चाल का पैटर्न दिख जाता है। इससे अपराध में शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

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