कार्तिक माह में हवन-यज्ञ का प्राचीन महत्व- स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज।

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  • राजमाता झंडेवाला मंदिर,गोरख में संपन्न हुआ”सर्व पितृ मुक्ति महायज्ञ”।

नई दिल्लीI 12 अक्टूबर 25। श्री देवोत्थान सेवा समिति (पंजी.)और राजमाता श्री झंडेवाला मंदिर,गोरख पार्क, शाहदरा के संयुक्त तत्वावधान में 25 वीं सिल्वर जुबली अस्थि कलश विसर्जन यात्रा में इस बार की 3129 हुतात्माओ सहित पूरे 25 वर्षों में 1,69,818 हुतात्माओ की मुक्ति के लिए मंदिर के पीठाधीश्वर महंत श्री राजेश्वरानंद जी महाराज के सानिध्य में मंदिर प्रांगण में “सर्व पितृ मुक्ति महायज्ञ” का आयोजन किया गया।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रोहित शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई,तो प्रबंधक राम वोहरा ने प्रसाद वितरित कर भंडारे का आयोजन किया। समिति के महामंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल ने यज्ञ में आहुति देकर समस्त पितृदेवो के मोक्ष की कामना की।इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज ने कहा,कि कार्तिक माह में पितृदेवो का पूजन,हवन यज्ञ तर्पण का विशेष महत्व होता है,जो परिवार तीज-त्योहारों पर अपने पितृदेवो को याद कर हर्षोल्लास से त्यौहार मनाते हैं, वहां उनके पूर्वज भी उपस्थित होकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं। महाराज श्री ने यज्ञ में आए आगुंतकों को कार्तिक माह में विशेष पूजनीय तुलसी माता का पौधा वितरित किया।

कार्यक्रम में योगेन्द्र सिंह मान, गोपाल वर्मा, पंकज कुमार, निर्जला मान,इंदु शर्मा, सुनयना सिंह अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ब्राह्मण पेशवा पंडित राधेश्याम शर्मा जमादग्नि,भृगुवंशी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी पवन वशिष्ठ, मशहूर यूट्यूबर कृष्ण अवतार शर्मा,दशा परिवर्तन समिति के प्रमुख विजय सक्सेना,नमन शर्मा,समय वर्मा,मयंक राठौड़,प्रिंस, धर्मेंद्र भदौरिया, मुकेश मधुर, सुरेन्द्र यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।

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