रिलायंस पावर के CFO गिरफ्तार

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मुंबई, 11 अक्टूबर 2025 ।रिलायंस पावर (Reliance Power) के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) आशोक कुमार पाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी फर्जी बैंक गारंटी और फर्जी इनवॉइसिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मुकदमे की जांच के तहत की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस पावर लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है। पाल पर अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप (ADA) से जुड़े ₹68.2 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी और इनवॉइसिंग का आरोप है।

पाल को ED ने शुक्रवार (10 अक्टूबर) देर रात पूछताछ के बाद अरेस्ट किया था। आज (11 अक्टूबर) उन्हें दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट में पेश कर ED ने कस्टडी की मांग की, जो दो दिनों के लिए मंजूर हो गई। पाल सोमवार, 13 अक्टूबर को दोबारा कोर्ट में पेश किए जाएंगे।

ED के मुताबिक, पाल ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस से ₹12,524 करोड़ के लोन बांटे, जो ज्यादातर अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों को दिए गए। पाल पर फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी देने और पैसे गलत तरीके से ट्रांसफर करने का आरोप है।

अगस्त में ED ने अनिल अंबानी से पूछताछ की थी

अगस्त में ईडी ने अंबानी को इस जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए भी बुलाया था। ED की जांच के बाद अगस्त में मुंबई में 35 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 50 कंपनियां और करीब 25 लोग शामिल थे।

CBI ने सितंबर में चार्जशीट फाइल की थी

इससे पहले यस बैंक के साथ फ्रॉड मामले में CBI ने 18 सितंबर को अनिल अंबानी और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग चार्जशीट फाइल की थी। इन पर आरोप है कि अंबानी की ग्रुप कंपनियों और यस बैंक के पूर्व CEO राणा कपूर के परिवार की कंपनियों के बीच कथित तौर पर फर्जी लेन-देन हुए, जिससे बैंक को 2,796 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

CBI ने कहा था कि राणा कपूर ने अपनी पोजिशन का गलत इस्तेमाल करके यस बैंक के फंड्स को अंबानी की फाइनेंशियली कमजोर कंपनियों- RCFL और RHFL में डाला। बदले में, अंबानी की कंपनियों ने कपूर फैमिली की कंपनियों को कम ब्याज पर लोन और इन्वेस्टमेंट दिए। ये एक क्विड प्रो क्वो (लेन-देन का सौदा) था।

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