- महरौली के कालूराम चौक पर दो दिन तक गूंजती रही ढोलक, गीत और मेहंदी की खुशबू
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2025। महरौली का कालूराम चौक इन दो दिनों में जैसे किसी सांस्कृतिक सपने में तब्दील हो गया था। रंग-बिरंगी चुनरियाँ, हाथों में महकती मेहंदी और सुहाग की थालियों से झिलमिलाती रोशनी — हर दृश्य में आस्था और प्रेम का रंग घुला हुआ था। इसी पावन माहौल में 5वां करवाचौथ उत्सव एवं नि:शुल्क मेहंदी मेला का समापन आज हर्ष और भावनाओं के संग हुआ।
इस भव्य आयोजन का संचालन पूर्व निगम पार्षद आरती सिंह के संयोजन में तथा शांति देवी एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसायटी द्वारा किया गया, जिसने पूरे महरौली क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।
समापन अवसर पर विधायक एवं दक्षिणी दिल्ली जिला विकास समिति (DDC) के चेयरमैन गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलित करते हुए उन्होंने कहा— “करवा चौथ का उपवास केवल परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय नारी की आत्मा में निहित वह शक्ति है जो परिवार और समाज दोनों को जोड़ती है। जब एक स्त्री प्रार्थना करती है, तो वह केवल अपने पति के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार और जीवन के लिए ऊर्जा उत्पन्न करती है।”
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा— “करवा चौथ हमारे समाज की संस्कृति और नारी शक्ति का अद्भुत प्रतीक है। नारी का यह उत्सव केवल पारंपरिक उपवास नहीं, बल्कि प्रेम, संयम और आस्था का संदेश है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हैं और समाज में सामंजस्य और सौहार्द का वातावरण बनाते हैं।”
लोकसभा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा— “करवा चौथ जैसे त्योहार हमारी जड़ों से जुड़ाव का माध्यम हैं। ये आयोजन समाज में एकता और संस्कारों की लौ जलाए रखते हैं।”
आयोजन की संयोजक आरती सिंह ने कहा— “यह केवल मंच नहीं, बल्कि एक परिवार का विस्तार है, जहाँ महिलाएँ अपनी खुशियाँ बाँटती हैं और एक-दूसरे को संबल देती हैं। यही सच्चा करवाचौथ है।”
दिनभर कालूराम चौक पर सैकड़ों महिलाएँ सज-धज कर पहुँचीं। मेहंदी कलाकारों के हाथ व्यस्त रहे, ढोलक की थाप पर गीत गूंजते रहे, और बच्चों की खिलखिलाहट ने माहौल में मिठास घोल दी। पूरे क्षेत्र में उत्सव की रंगत और उमंग देखने लायक थी। आयोजकों और उपस्थित गणमान्य नागरिकों — आरएसएस से ओम प्रकाश सैनी, मिथिलेश वशिष्ठ, संजय शर्मा और रविन्द्र एडवोकेट — की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी गरिमा और सजीवता प्रदान की।
