- प्रजापति समाज के कल्याण के लिए हरसंभव कदम उठाएगी सरकार
- सीएम ने प्रजापति समाज के महाकुंभ में स्वदेशी कला और वोकल फॉर लोकल पर दिया बल
नई दिल्ली । 5 अक्टूबर 2025 । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रजापति (कुम्हार) समाज की परंपरागत कला, परिश्रम और सृजनशीलता की सराहना करते हुए कहा है कि प्रजापति समाज की पीढ़ियों से चली आ रही कला, मेहनत और सृजनशीलता वास्तव में हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। हमारी सरकार समाज को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह विचार आज राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के प्रजापति (कुम्हार) महाकुंभ में व्यक्त किए। बाहरी दिल्ली स्थित नरेला के आदर्श रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रजापति समाज को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके कल्याण, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में सांसद योगेंद्र चांदोलिया, विधायक राजकरण खत्री सहित प्रजापति समाज के अनेक गणमान्यजन, सामाजिक संगठन एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों व कारीगरों से संवाद करते हुए उनकी परंपरागत कला, परिश्रम और सृजनशीलता की सराहना की और कहा कि उनका यह कार्य हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। हमारी सरकार आप सभी को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार प्रजापति समाज के हितों के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रजापति समाज को यह भी विश्वास दिलाया कि सरकार उनके कल्याण, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसे प्रयासों से न केवल समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि दिल्ली सरकार स्थानीय हस्तनिर्मित वस्तुओं को प्रोत्साहित करने और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरी केवल जीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान है और इसे सशक्त बनाना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज के लोग वास्तव में सृजनकर्ता हैं, जो मिट्टी से भगवान, बर्तन और सौंदर्य की रचना करते हैं, और अपने श्रम से पूरे समाज को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस समाज को वह पहचान और अवसर नहीं मिले, जिसके वे हकदार हैं, लेकिन अब दिल्ली सरकार उनके उत्थान और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाएगी।
