इतिहास का सच सामने लाया जाएगा जो छिपाया या कम बताया गया- कपिल मिश्रा

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  •  कहा कि पीएम मोदी के विज़न ‘विकास भी और विरासत भी’ को दिल्ली सरकार कर रही साकार
  •  पुराना किला बना ‘इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव’ का साक्षी

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 25 । दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव’ जो भारतीय नृत्यों का भव्य समागम है, का शुभारंभ आज ऐतिहासिक पुराना किला परिसर में हुआ। भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के इस तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर के प्रख्यात कलाकार अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली सरकार के पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं दिल्ली टूरिज़्म विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ। एक के बाद एक लगातार इतने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हो रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ही नवरात्रि उत्सव, गरबा और तीज का भव्य आयोजन किया गया जो शायद दिल्ली के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुआ है। मुख्यमंत्री महोदया रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम लेकर आ रही है।

उन्होंने आगे कहा कि आज पुराना किला इस नृत्य महोत्सव का साक्षी बन रहा है। यहाँ केवल नृत्य की झलकियाँ ही नहीं बल्कि भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव हमारी आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम है। मेरी अपील है कि आगे दिल्ली में होने वाले आयोजनों में हमारी सभ्यता, परंपराओं और इतिहास के छिपे हुए पहलुओं को भी सामने लाया जाए।

कपिल मिश्रा ने अपने संबोधन में ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यही विज़न है – ‘विकास भी और विरासत भी’। हम सबको मिलकर इस विज़न को साकार करना है। आने वाली पीढ़ियों को केवल आधुनिक विकास से नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और सभ्यता से भी परिचित कराना हमारी ज़िम्मेदारी है। इतिहास का वह सच जिसे कभी छिपाया गया या अधूरा बताया गया, अब चुन-चुनकर सामने लाना होगा।

अंत में उन्होंने कहा कि मैं आज यहाँ उपस्थित सभी कला-साधकों और दर्शकों को नमन करता हूँ। ‘इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव’ तीन दिनों तक भारतीय शास्त्रीय नृत्यों की अद्भुत झलकियों से परिपूर्ण रहेगा। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव में शामिल होकर दिल्ली की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बनें।

यह तीन दिवसीय ‘इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव’ दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जहाँ भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मोहिनीअट्टम और अन्य शास्त्रीय नृत्य शैलियों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

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