- भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, गृह मंत्री, लोकसभाध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट की
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारियों ने परिजनों से मिलकर प्रो. मल्होत्रा के निधन पर दुख प्रकट किया
- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष, संगठन महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारियों, पूर्व अध्यक्षों, अनेक सांसदों एवं विधायकों ने प्रो. मल्होत्रा के निधन को दिल्ली संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताया
- रेखा गुप्ता एवं मंत्रियों ने भारी मन से दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. मल्होत्रा को श्रद्धासुमन अर्पित की
नई दिल्ली 30 सितम्बर 25 । दिल्ली भाजपा के संस्थापक अध्यक्ष, दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद एवं सांसद प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा जी का आज प्रातः लगभग 6 बजे एम्स अस्पताल में निधन हो गया। कुछ समय से 94 वर्षीय प्रो. मल्होत्रा का एम्स में उम्र से जुड़ी तकलीफों का इलाज चल रहा था।
प्रो. मल्होत्रा की मृत्यु का समाचार मिलने के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके निवास पर जा कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और परिवार जनों से शोक व्यक्त किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, महामंत्री विनोद तावड़े एवं दुष्यंत गौतम, राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर.पी. सिंह ने भी परिजनों को सांत्वना दी और पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने प्रातः ही प्रो. मल्होत्रा के निवास पर पहुंच कर परिजनों से संवेदना प्रकट कर व्यवस्थाओं को स्वंय सम्भाला।
केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी परिजनों से मिल कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी एवं शाहनवाज हुसैन ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए।

दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, कार्यालय मंत्री बृजेश राय एवं अमित गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने भी उनके निवास पर जा कर दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. मल्होत्रा के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और दिल्ली के विकास के लिए उनकी दूरदृष्टि की सराहना की। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह एवं आशीष सूद ने भी निवास पर आ कर प्रो. मल्होत्रा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन, श्री विजय गोयल, सतीश उपाध्याय एवं मनोज तिवारी ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सांसद कमलजीत सहरावत, प्रवीन खंडेलवाल एवं बाँसुरी स्वराज ने भी पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
प्रो. मल्होत्रा के साथ लम्बे समय तक काम कर चुके पार्टी के वरिष्ठ नेताओं डा. वेदव्यास महाजन, रामभज, ओ.पी. बब्बर, पी.के. चांदला, लाल बिहारी तिवारी, डा. अनिता आर्य, पवन शर्मा, मूलचंद चावला, सुभाष आर्य एवं लालचंद मेहरोलिया ने प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा के निधन को निजी आघात बताया और कहा हमने एक भाई समान राजनीतिक मित्र खो दिया है।
प्रो. मल्होत्रा का जीवन परिचय :

प्रो. मल्होत्रा का जन्म 3 दिसम्बर 1931 को लाहौर में हुआ और वहीं उनकी स्नातक तक की शिक्षा भी हुई और दिल्ली के हंसराज कालेज से उच्च शिक्षा की। उनके पिता वैध खज़ान चंद एक प्रसिद्ध वैध थे।
उनके परिवार में हैं उनकी पत्नी कृष्णा मल्होत्रा, पुत्र अजय मल्होत्रा एवं पुत्री अनुपमा मलिक।
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के स्वंय सेवक के रूप में हो या जनसंघ के सजग कार्यकर्ता के रूप में प्रो. मल्होत्रा की अनूठी पहचान बनी और ए.बी.वी.पी. की स्थापना में भी उनकी प्रबल भूमिका रही।
1958 से 1967 तक दो बार दिल्ली नगर निगम के सदस्य चुने गये।
1967 से 1977 तक दिल्ली महानगर परिषद के सदस्य रहे।
1967 से 1972 तक दिल्ली के मुख्य कार्यकारी पार्षद रहते हुए दिल्ली के विकास एवं बेहतर रखरखाव की नींव रखी। उनकी दूरदर्शिता के चलते पटेल नगर को मोती नगर से जोड़ने वाले दिल्ली के पहले फ्लाईओवर का 1970 में उद्धाटन हुआ।
1972 से 1977 तक दिल्ली महानगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रो. मल्होत्रा लोकतंत्र के सजग प्रहरी की भूमिका निभाई और कांग्रेस के कुशासन के विरूद्ध आवाज उठाई।

1975 से 1977 आपातकाल में बंदीगृह में रहे।
1977 में लोकसभा के सदस्य चुके गये और 1977 – 1980 के बीच दिल्ली प्रदेश जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे।
6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद वह दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष बने।
1989 में पुनः लोकसभा के लिए चुने गये और फिर 1994 में राज्यसभा के सदस्य चुने गये। 1998-99 में भाजपा संसदीय दल के मुख्य सचेतक रहे।
1999 में 2004 में फिर दो बार लोकसभा के सदस्य चुने गये और 2004-08 तक लोकसभा में भाजपा के उप नेता चुने गये।
2002 से 2004 तक आल इंडिया काउंसिल आफ स्पोर्ट्स के अध्यक्ष रहे।
2008 में दिल्ली में विधानसभा सदस्य चुने गए और 5 वर्ष दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष रहे।
2015 से 2023 तक पुनः आल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष चुने गए।
एक शिक्षाविद प्रोफेसर के रूप में लगभग 36 वर्ष नई दिल्ली के पी.जी.डी.ए.वी. कालेज में पढ़ाया।
