चोकसी को भारत लाने की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू

Date:

नई दिल्ली, । 11 सितम्बर 2025 । भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की कार्यवाही 15 सितंबर को शुरू होगी। ये जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने दी है। चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ ₹13,850 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

मामले की सुनवाई बेल्जियम के फेडरल कोर्ट में होगी। इसमें भारत की ओर से CBI और विदेश मंत्रालय (MEA) के वकील अपना पक्ष रखेंगे। 8 सितंबर को भारत ने बेल्जियम को लिखित गारंटी दी है। केंद्र ने बेल्जियम सरकार को एक लेटर में बताया था कि चोकसी को मुंबई के आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर-12 में रखा जाएगा। वहां एक कोठरी में 6 लोगों के रहने की क्षमता है।

लेटर में कहा गया कि अगर चोकसी को बेल्जियम से भारत लाया जाता है तो उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाएगा। उसे 14 से ज्यादा सुविधाएं देने का भरोसा दिया है। इसमें 24 घंटे मेडिकल केयर, साफ पानी, अच्छा खाना और स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सुविधा।

CBI-विदेश मंत्रालय सबूत नहीं दे पाए तो रिहा हो सकता है चोकसी

हालांकि, चोकसी के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया और जमानत मांगी, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी। चोकसी के वकील अपने क्लाइंट की हेल्थ प्रॉब्लम्स का हवाला दे रहे हैं, लेकिन भारत का कहना है कि इलाज देश में भी हो सकता है। अगर कोर्ट भारत के सबूतों से सहमत होता है तो चोकसी को भारत भेजा जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोकसी के वकील रिहाई के लिए भी अपील दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें वे मेडिकल समेत कई अन्य दलील पेश कर सकते हैं। यदि बेल्जियम की अदालत इन दलीलों को स्वीकार करती है तो रिहाई संभव हो सकती है।

  • मेडिकल ग्राउंड: वकील के मुताबिक चोकसी को कैंसर है। ऐसे में उसके भागने की संभावना नहीं है।
  • सबूत की कमी: यदि CBI और विदेश मंत्रालय मजबूत सबूत पेश नहीं कर पाते तो कोर्ट चोकसी को रिहा कर सकता है।
  • मानवाधिकार और जेल की स्थिति: बेल्जियम की अदालत भारतीय जेलों की स्थिति और चोकसी के मानवाधिकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा सकती है। यदि भारत इन चिंताओं को दूर करने में विफल रहता है, तो प्रत्यर्पण रुक सकता है, जिससे रिहाई का रास्ता खुल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related